भागलपुर से कहलगांव और पीरपैंती की NH 80 की हालत बद से बदतर, जिम्मेदार नहीं दे रहे हैं ध्यान | New India Times

अतीश दीपंकर, भागलपुर/पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर से कहलगांव और पीरपैंती की NH 80 की हालत बद से बदतर, जिम्मेदार नहीं दे रहे हैं ध्यान | New India Times

विक्रमशिला भारत का एक प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र था, वर्तमान समय में बिहार के भागलपुर जिले के अंतिचक गांव में इसका अवशेष अवस्थित है। यह एक पर्यटन स्थल भी है। इसके अलावा कहलगांव में नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन का भी प्लांट है। भागलपुर से कहलगांव, विक्रमशिला, पीरपैंती जाने के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ता है लोगों को। यह रास्ता महज 30 से 35 किलोमीटर का है लेकिन इसे तय करने में घंटों लगते हैं। यहां पर आय दिन सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। इसका कारण सिर्फ और सिर्फ सड़क का सही से मरम्मत ना हो पाना है जबकि कितने पैसे इस एनएच पर खर्च हो चुका होगा।
मजे की बात तो यह है कि अगर कोई बड़े पदाधिकारी या बड़े मंत्री आने को हो तो यह सड़क दुल्हन की तरह रातों रात सज कर तैयार हो जाती है लेकिन कुछ ही दिनों के बाद इसकी स्थिति काफी दयनीय व भैयावह हो जाती है।

भागलपुर से कहलगांव और पीरपैंती की NH 80 की हालत बद से बदतर, जिम्मेदार नहीं दे रहे हैं ध्यान | New India Times

भागलपुर से कहलगाँव, पीरपैंती जाने वाली एनएच 80 की तस्वीर एक बार फिर से भयानक हादसे का कारण बन गई है। इतने दिनों में कई जनप्रतिनिधि आए और कितने जनप्रतिनिधि चले गए लेकिन किसी ने इसका मजबूत इलाज नहीं किया।

2019 और 2020 का लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में नए जनप्रतिनिधियों के जीतने का आधार भी यही सड़क रही। वादा था कि जीतेंगे तो एनएच 80 जरूर बनवाएंगे। लेकिन मौजूदा हालात को देख कोई भी सिहर जायेंगे। जबकि कहलगाँव इलाके में विक्रमशिला बौद्ध महाविहार है। 2340 मेगावाट विद्युत उत्पादन करने वाली थर्मल पावर प्लांट है। इलाके के तमाम जनप्रतिनिधि वर्तमान सरकार (एनडीए) से ही हैं। फिर भी सड़क की दशा राम नाम सत्य की तरह है। इस एनएच की तस्वीर गवाह है।

इसे लेकर के लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश गहराता जा रहा है जो कभी भी फूट सकता है। फेसबुक में जनप्रतिनिधियों पर कॉमेंट किए जा रहे हैं और लोगों में इसका नाराजगी साफ दिख रहा है। जनप्रतिनिधियों ने चुनाव में इस का मुद्दा जरूर बनाया था लेकिन चुनाव जीतने के बाद इन लोगों के बारे में बताया जा रहा है कि स्थिति वैसी नहीं रही। हालांकि ऐसी ही स्थिति इन जनप्रतिनिधियों का रहा तो बताया जा रहा है कि अगले चुनाव में जनता जरूर बदले नजर आएंगे। समय रहते जनप्रतिनिधि अपने वादों और स्वभाव पर ध्यान दें.

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article