भारत-बांग्लादेश के रिश्ते रहेंगे अटूट: मौलाना मोहम्मद आबिद असरी | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

भारत-बांग्लादेश के रिश्ते रहेंगे अटूट: मौलाना मोहम्मद आबिद असरी | New India Times

विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव के मुस्लिम समाज की संस्था मोहम्मदिया एजुकेशन वेल्फेयर सोसाइटी की एक बैठक मदरसा मोहम्मदिया में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद आबिद असरी ने की. जिसमें कोरोना महामारी को लेकर कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए मस्जिदों में नमाज सीमित संख्या में अदा करने पर जोर दिया गया. कोविड-19 के कारण मदरसा विद्यार्थियों की पढ़ाई भी ऑनलाइन के माध्यम से जारी रखने पर विचार विमर्श किया गया. इस बैठक में आने वाले रमजान के रोजे तरावीह को लेकर भी चर्चा की गई साथ ही देश के प्रधानमंत्री द्वारा बांग्लादेश के राष्ट्रपिता मुजीब उर रहमान को गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित करने पर भी चर्चा की गई.

मौलाना असरी ने बताया कि भारत की ओर से बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 का गांधी शांति पुरस्कार उनकी बेटियों प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी छोटी बहन रेहाना को सौंपा है. शांति पुरस्कार के साथ भारत ने बांग्लादेश को 2 मिलियन कोरोना वैक्सीन के टीके भी उपहार में भेंट किए. हमारे देश की यह पहल वर्ष 2021भारत-बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मील का पत्थर साबित होगी. देश की आजादी की स्वर्ण जयंती और ‘बंगबंधु’ शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने और अपनी समकक्ष शेख हसीना से वार्ता के लिए पीएम मोदी बांग्लादेश पहुंचे थे. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच सुरक्षा संपर्क व्यापार के क्षेत्रों में बढ़ते संबंध 21वीं सदी की जरूरत है. ढाका के नेशनल परेड स्क्वायर पर 50 वें राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुजीबुर रहमान को गांधी शांति पुरस्कार देना भारत के लिए सम्मान की बात है. भारत देश का मुस्लिम समाज प्रधानमंत्री के गांधी शांति पुरस्कार की भूरी भूरी प्रशंसा कर रहा है. मौलाना मो. आबिद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पुनीत कार्य हिंदू मुस्लिम की खाई को पाटने का सराहनीय प्रयास है, इससे दोनों देशों के संबंध और भी मजबूत होंगे.

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