गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर ब्लॉक के पलई रामनगर ग्राम पंचायत में पीली ईट तथा मानक विहीन तरीके से शौचालय व पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है, दूसरी तरफ विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान भले ही डीएम व सीडीओ द्वारा अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराने का सख्त निर्देश दिया जा रहा हो मगर इसका धरातल पर अनुपालन नहीं हो रहा है, प्रदेश की योगी सरकार में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है पंचायती राज विभाग की मौन स्वीकृति तथा लचर कार्यशैली के चलते ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में भ्रष्टाचारियों द्वारा जमकर अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी से सरकारी धन का बंदरबांट कर मानक विहीन निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, प्रधानों के द्वारा नाली, नाला, खड़ंजा तथा शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन को भ्रष्टाचारी पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं जिसकी जीती जागती मिसाल अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा पलाई रामनगर में देखने को मिली ग्रामीणों की सूचना पर जब पत्रकार ने देखा तो सूचना 100% सही पाया गया, ग्राम प्रधान दुर्गेश वर्मा द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है जिसमें 23 लाख रुपए की लागत से बन रहे पंचायती भवन और सार्वजनिक शौचालय में जमकर देसी बालू और पीली ईट का उपयोग किया जा रहा है जबकि कागजों में नंबर एक का काम किया जा रहा है सार्वजनिक शौचालय निर्माण में मानक की अनदेखी की जा रही है, ब्लॉक के भ्रष्ट अधिकारियों तथा प्रधान के द्वारा पीले ईटों सहित मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, पलई रामनगर ग्राम में सार्वजनिक शौचालय व पंचायत भवन में मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए जिस तरह से पीले ईट से शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है उससे तो यही लगता है कि शौचालय के निर्माण में लाखों रुपयों का घोटाला किया जाएगा ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार अपनी चरम पर है।सार्वजनिक शौचालय निर्माण में मानक की अनदेखी की जा रही हैँ। घटिया सीमेंट, बालू व ईंट से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या उच्च अधिकारी संज्ञान लेते है की नहीं।
