अशफाक कायमखानी, जयपुर, NIT;
राजस्थान के मुस्लिम समुदाय में सीधे तौर पर RAS में चयनित होने की प्रतिशत कम होती जा रही है। काफी अर्से तक ठहराव के बाद 2014 में सिराज अली जैदी ने ठहराव को तोड़ते हुये सीधे तौर पर RAS में एक मात्र मुस्लिम चयनित हुये थे। लेकिन उनके बाद फिर से अभी तक ठहराव बना हुवा है। प्रदेश में कुल 872 RAS अधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें 33 मुस्लिम RAS हैं जो 3.78% बनता है। इन 33 में से पांच मुस्लिम RAS इस साल रिटायर होने वाले हैं, उसके बाद केवल 28 मुस्लिम RAS ही बचेंगे।
कुल मिलाकर यह है कि मुस्लिम समुदाय में छाये आलस्य के मातम के चलते अगले कुछ सालों में इस हालत से उभरने की उम्मीद कम नजर आती है। वहीं सियासी लीडरों की इस विषय के प्रति उदासीनता व समाज में विश्वास पैदा ना होना भी इस तरफ पिछड़ने का एक प्रमुख कारण है। कुछ लोग घर-परीवार की सभी तरह से जो हालात साजगार ना होने का रोना रोते हैं उनको 2014 में RAS चयनित सिराज अली जैदी के जीवन संघर्ष पर नजर जरुर डालनी चाहिये।
Status of muslims in RAS :-
total working -872
muslim officers-33, 3.78%
Direct recruit -20
By promotion-13
Retiring in 2017-18.
