मेघनगर में बड़े-बड़े भूमाफियाओं को छोड़कर गरीबों की छोटी-छोटी दुकानों पर चला बुलडोजर, प्रशासन की कार्यशैली पर लगा सवालिया निशान | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र) NIT:मेघनगर में बड़े-बड़े भूमाफियाओं को छोड़कर गरीबों की छोटी-छोटी दुकानों पर चला बुलडोजर, प्रशासन की कार्यशैली पर लगा सवालिया निशान | New India Times

झाबुआ जिले के मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण मुहिम शुरु हुई लेकीन छोटे-छोटे दुकानदारों व छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया गया जब बड़े अतिक्रमणकारियों को छोड़ दिया गया जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गया है।

प्रशासनिक अमले द्वारा अतिक्रमण हटाओ मुहिम का आगाज तो किया गया लेकीन गरीब लोगों पर ही निशाना साधा गया जिससे गरीब लोगों का काफी नुकसान हुआ है जबकि गरीबों के सामने ही अमीरों के अतिक्रमण को नजरअंदाज कर दिया गया। सरकार की सख्ती का असर आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में आदीवासियों को परेशान करते हुए दिखाई दिया। यहां गरीब आदीवासियों की दुकानें तो तोड़ दी गईं लेकिन धन्ना सेठ बडे़ अतिक्रमणकारियों को छोड़ दिया गया।

मेघनगर में बड़े-बड़े भूमाफियाओं को छोड़कर गरीबों की छोटी-छोटी दुकानों पर चला बुलडोजर, प्रशासन की कार्यशैली पर लगा सवालिया निशान | New India Times

राजस्व अमले ने आज मेघनगर शहर के औद्योगिक क्षेत्र से अतिक्रमण मुक्त मुहिम की शुरुआत की जिसमें 36 से अधिक स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, यहां बुलडोज़र चलाकर अतिक्रमण हटा दिया गया।
अमले ने शहर के कोने पर बना हुआ नाहर सिंह वसुनिया का ढाबा, गोलू का ढाबा, जलसा ढाबा एवं छोटे पंचर बनाने वाले दुकानदारों व कई गरीब लोगों की अस्थाई दुकानों पर कार्रवाई की लेकिन मिशन क्लीन में भूमाफियाओं की पक्की, गगनचुंबी अलिशान इमारतें यथावत नजर आईं, उन पर कोई कार्रवाई प्रशासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में नहीं की गई जो कि कमलनाथ सरकार की मंशा के विपरीत कार्यवाही दिखाई दी। कार्रवाई के दौरान छोटे गरीब व्यापारियों की घुमटीया हटा दी गईं।
ढाबा संचालक नाहर सिंह वसुनिया ने अपने बच्चों की दुहाई देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला गरीबों पर कार्रवाई कर रहा है और अमीर भुमाफियाओं की इमारतें यथावत हैं। पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग जहां पर स्कूल की इमारत बनी हुई है वहां 30 फीट का रोड है जो कि औद्योगिक क्षेत्र की जगह पर स्कूल की इमारतें बना ली गई है उसको क्यों नहीं तोड़ा गया मुझ गरीब का आशियाना छीन लिया गया।

मेघनगर में बड़े-बड़े भूमाफियाओं को छोड़कर गरीबों की छोटी-छोटी दुकानों पर चला बुलडोजर, प्रशासन की कार्यशैली पर लगा सवालिया निशान | New India Times

नगर के समाजसेवी गोपाल गुजराती का कहना है बाफना पब्लिक स्कूल के अंदर से 30 फीट का रोड जो की उद्योग विभाग का सार्वजनिक रोड है, मैं इसकी लड़ाई लंबे समय से लड़ रहा हूं लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं और गरीबों की दुकान और छज्जे तोड़े जा रहे हैं और बड़े भूमाफियाओं पर कोई कार्रवाई करने तैयार नहीं है। लगता है कि अधिकारी पैसा लेकर घर बैठ गए हैं।

एकेवियन अधिकारी सिंह का कहना है कि काफी लंबे समय से बाफना की प्राइवेट जगह का विवाद चल रहा है। हमने 36 जगह अतिक्रमण को चिन्हित किया था व कार्यवाही की है, बाफना पब्लिक स्कूल का जो सार्वजनिक रोड है उसको सीमांकन करके कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक अमले ने पहले दिन अतिक्रमण हटाने की शुरुआत मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र से की है। एसडीएम पराग जैन का कहना है कि आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। शहरी क्षेत्र में भी कार्रवाई की जाएगी। यदि बाफना पब्लिक स्कूल के सार्वजनिक रोड की शिकायत हमें मिलती है तो हम उस पर भी कार्रवाई करेंगे।

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