मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

भारत सरकार सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली एवं सेंटर ग्वालियर मध्यप्रदेश इकाई बुरहानपुर के तत्वावधान में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का ज़िला स्तरीय आयोजन बुरहानपुर के निमाड़ वैली इंटरनेशनल स्कूल गणपति नाका में ज़िला शिक्षा अधिकारी सैय्यद अतीक़ अली की अध्यक्षता में एवं सेवा सदन शिक्षा समिति बुरहानपुर की अध्यक्ष श्रीमती तारिका वीरेंद्र सिंह ठाकुर के मुख्य अतिथि में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में डॉ आर एन एस दिवेदी, श्री विजय परिहार एवं बाल विज्ञान कांग्रेस के संरक्षक नूरुद्दीन क़ाज़ी ने शिरकत की।
इस आयोजन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि तारिका विरेंद्र सिंह ने कहा कि बच्चों में विज्ञान के प्रति अभिरूचि बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन करना आवश्यक है। कार्यक्रम की समन्वयक हेमलता पालीवाल ने बताया कि पूरे भारत के सभी राज्यों से एक करोड़ बच्चे विज्ञान की गतिविधियों में सहभागी हो रहे हैं एवं इस साल राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस का राष्ट्रीय कार्यक्रम केरल राज्य में आयोजित होगा। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं जिला शिक्षा अधिकारी सैयद अतीक़ अली ने भी अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में ऐसे आयोजन करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोग्राम में जूनियर और सीनियर वर्ग से पांच प्रोजेक्ट को पुरस्कार हेतु पात्र घोषित किया गया। ज्यूरी के रूप में डाक्टर ज़ाकिर हुसैन कालेज की प्राचार्या श्रीमती जय श्री मेहता, कृषि विज्ञान केंद्र के डाक्टर अजीत सिंह, डाक्टर कार्तिकेय सिंह, अमोल देशमुख, मुश्ताक अहमद, मजहर हुसैन ने शिरकत की। इस वर्ष का मुख्य विषय स्वच्छ स्वस्थ हरित राष्ट्र के लिए विज्ञान एवं तकनीक विषय पर बच्चों द्वारा अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसमें बुरहानपुर जिले की कई स्कूलों ने बच्चों ने अपने स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपनी भागीदारी की । यहां सीनियर वर्ग से अंकुर जैन (सैंट टेरेसा हाई सेकेंडरी स्कूल), सानिया खान (निमाड़ वैली इंटरनेशनल स्कूल), श्रावणी काले (नेहरु मांटेसरी स्कूल), जूनियर वर्ग से खुशी पातूडीकर, विश्वनाथ राम मेले (आदर्श विद्यापीठ) का चयन हुआ है। यह सभी विद्यार्थी राज्य आयोजन में भोपाल में अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में प्राचार्य शहला क़ाज़ी, नूरुद्दीन क़ाज़ी, योगेश्वर पालीवाल, बाल वैज्ञानिक मनीष संजय पाटिल इच्छापुर, सह समन्वयक लोकेश भावसार, नूतन वर्मा, महेश पतूडीकर व सभी विद्यालयों के शिक्षक एवं बाल वैज्ञानिक उपस्थित थे।
