आतंक का पर्याय बने दस्यु सरगना बबली कोल एवं लवलेश कोल पुलिस एनकाउंटर में हुए ढेर | New India Times

शाहनवाज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

आतंक का पर्याय बने दस्यु सरगना बबली कोल एवं लवलेश कोल पुलिस एनकाउंटर में हुए ढेर | New India Times

पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा क्षेत्र अविनाश शर्मा द्वारा जानकारी दी गई है कि चित्रकूट के तराई क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने दुर्दांत डकैत बबली कोल एवं लवलेश कोल पुलिस एनकाउंटर में मारे गए।

जानकारी के अनुसार 15 /9/2019 की रात्रि में सतना जिले के धारकुंडी व मझगवां थाना क्षेत्र के वीरान गांव लेदरी के जंगलों में मुखबिर की सूचना पर डकैतों आने से पूर्व ही छुपाव बनाकर पुलिस अधीक्षक सतना रियाज़ इक़बाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना गौतम सोलंकी, थाना प्रभारी चित्रकूट संतोष तिवारी, ओ पी चौगड, थाना प्रभारी मझगवां की टीमें एमबुश लगाकर डकैतों की धरपकड़ हेतु घात लगाकर बैठी थीं कि अंधेरे से कुछ डकैतों की हलचल सुनाई देने पर पुलिस टीम द्वारा ललकारा गया जिससे डकैतों के द्वारा पुलिस पर फायर खोल दिया जिसके जवाब में सभी पुलिस पार्टियों द्वारा डकैतों पर चेतावनी देते हुए जवाबी फायरिंग की गई।तत्पश्चात सर्चिंग के दौरान जंगल में दो डकैत मृत पाए गए तथा उनके पास से दो बंदूक़, खाने पीने का सामान तथा राजश्री गुटका के पाऊच पाये गए। दोनों बदमाशों की तस्दीक करने पर पाया गया कि मारे गए डकैत में कुख्यात बबली कोल जो डोडामाझी जिला कर्वी उत्तरप्रदेश का रहने वाला है तथा दूसरा बदमाश लवलेश कोल ग्राम घाटाकोलन उत्तर प्रदेश है।

घटना की सूचना पर तत्काल मौके पर पुलिस महानिरीक्षक रीवा चंचल शेखर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा अविनाश शर्मा रवाना हुए तथा सभी घटनाओं का जायजा लेकर मौके पर वैधानिक कार्रवाई की गई।

कुख्यात डकैत बबली कोल एवं उसके गिरोह की ख़ास बातें

1- दुर्दांत डकैत थे तथा इन पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य मिलाकर कुल 100 से भी अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

2- दुर्दांत डकैत बबली कोल के ऊपर 6 .5 लाख रूपये से भी अधिक के इनाम घोषित थे।

3- विगत 1 महीने में बबली कोल गिरोह द्वारा उत्तर प्रदेश के कर्वी क्षेत्र से तथा धारकुंडी थाना क्षेत्र के हरसेड़ गांव से लोगों की पकड़ कर लाखों रुपए की वसूली की गई थी।
4- बबली कोल गिरोह द्वारा निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को धमकी देकर रूपयो की उगाही करते थे तथा निर्माण कार्य में बाधा डालते थे।
5- बबली कोल गिरोह के द्वारा आस-पास के गांव में सभी औरतों एवं बच्चियों पर बुरी नजर रखी जाती थी जिससे महिलाएं एवं बच्चियां अपने आपको काफी असुरक्षित महसूस कर रही थी ,तथा पलायन भी कर रही थी।
6- डर के कारण कोई भी ग्रामीण जन रिपोर्ट करने सामने नहीं आते थे।
7- बबली कोल गिरोह के द्वारा लगातार अबोध ग्रामीणों पर अत्याचार किए जा रहे थे जिसके डर से ग्रामीण पलायन कर रहे थे ,तथा दूरस्थ जंगलों में रहने वाले ग्रामीण आदिवासी जनजाति अपने पट्टे की जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे थे।
8- मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की पुलिस लगातार लिस्टेड बबली गैंग की धरपकड़ हेतु प्रयास भी किए जा रहे थे ।बबली कोल गिरोह द्वारा ग्रामीणों को पकड़कर उनके घर वालों द्वारा पैसे की मांग की जाती थी ,जिससे पूरे क्षेत्र में आतंक का माहौल निर्मित हो चुका था तथा दोनों राज्यों की पुलिस की कई टीमें बहुत बबली कोल के खात्मे हेतु जंगल में उतरी हुई थी ।तथा अंततः मध्य प्रदेश पुलिस के सतना जिले के पुलिस टीम को यह कामयाबी हासिल हुई।

पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर द्वारा बताया गया है कि यह कार्रवाई चित्रकूट के तराई क्षेत्र में लगातार चलाया जाता रहेगा तथा किसी भी डकैत गिरोह को पनपने नहीं दिया जाएगा तथा जान माल की सुरक्षा हेतु रीवा जोन की पुलिस संकल्पित है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में सदैव जनता का सहयोग लेकर कार्य करती रहेगी। समाचार लिखे जाने तक मौके पर पुलिस निरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर, उपपुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन अविनाश शर्मा तथा सतना पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल एवं समस्त पुलिस टीम मौके पर मौजूद है। घटना की विस्तृत जानकारी पृथक से दी जावेगी।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article