6 जून से बारिश होने की संभावना को लेकर मुरैना कलेक्टर ने ली बैठक | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर/मुरैना (मप्र), NIT:

6 जून से बारिश होने की संभावना को लेकर मुरैना कलेक्टर ने ली बैठक | New India Times

कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने जिले के समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश में मानसून 6 जून से आने की उम्मीद है। अधिक वर्षा या बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर पुख्ता प्रबंध किये जायें इसके लिये नाव, गोताखोर, बाढ़ से बचाव संबंधी अन्य उपकरण आवश्यकतानुसार जैम के माध्यम से क्रय का प्रस्ताव तैयार कर भिजवायें। यह निर्देश उन्होनें सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा संबंधी समीक्षा बैठक में जिला अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री एसके मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर श्री उमेश प्रकाश शुक्ला, समस्त एसडीएम, जिला अधिकारी, जनपद सीईओ उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती दास ने कहा कि राजस्थान एवं मध्यप्रदेश में अधिक वर्षा होने से चम्बल नदी में पानी का बहाव अधिक होने से चम्बल नदी के आस-पास 89 गांव बाढ़ की स्थिति में आते है। इस स्थिति से निपटने के लिये जिला प्रशासन अभी से पुख्ता इन्तजाम करें। उन्होनें कहा कि बाढ़ बचाव के संबंध में आवश्यक उपकरण जैसे- नाव, टोर्च, जौकिट रस्सा आदि सामग्री जैम के माध्यम से क्रय करें। उन्होनें कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर कन्ट्रोल रूम स्थापित किये जाये। जिसके नम्बर पेपर के माध्यम से प्रचार प्रसार किये जावें। बाढ़ बचाव कन्ट्रोल रूम के लिये 24 घण्टे अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्रयूटी लगाकर 31 मई तक जिला कार्यालय को उपलब्ध करावें। उन्होनें कहा कि बाढ़ की स्थिति मजरा टोला में निर्वत होने पर उन रहवासियों को बाहर निकालने व उनकों ठहराने आदि का प्रबंध व प्लानिंग पूर्व से स्कूल या पंचायत भवन चिन्हित कर लिये जावें।
कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ बचाव के लिये स्थानीय स्तर से गोताखोर के नम्बर, पटवारी, सचिव, सरपंच आदि के नम्बर कम्यूनिकेशन प्लान की तरह तैयार किये जावें। इन नम्बरों की टेस्टिंग भी कराली जावे।
कलेक्टर ने कहा कि अनुविभाग स्तर पर राशन, दवाई, डॉक्टर आदि का प्रबंध पहले से कर लिया जावे। कलेक्टर ने कहा कि इसी प्रकार नगरीय निकाय के क्षेत्रों में भी अधिक वर्षा होने से बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो जाते है। उन क्षेत्रों में भी नगरीय निकाय अभी से नाले, नालियों की सफाई प्रारंभ करा दें। बाढ़ से हालात निर्मित होने पर वहां के रहवासियों को अन्य स्थान पर ठहरनें के लिये स्कूल, धर्मशाला आदि चिन्हित कर लें। जिले एवं तहसील स्तर के कन्ट्रोल रूम 10 जून से स्थापित किये जावें।

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