इस्लामिक दावा सेंटर जामियानगर नई दिल्ली के अध्यक्ष विश्व प्रसिद्ध इस्लाम के दाई डॉ उमर गौतम के आगमन पर भोपाल के मदरसा तह्फीजुलकुरआन में प्रोग्राम का हुआ आयोजन | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

इस्लामिक दावा सेंटर जामियानगर नई दिल्ली के अध्यक्ष विश्व प्रसिद्ध इस्लाम के दाई डॉ उमर गौतम के आगमन पर भोपाल के मदरसा तह्फीजुलकुरआन में प्रोग्राम का हुआ आयोजन | New India Times

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पीजीबीटी काॅलेज रोड स्थित मदरसा तह्फीजुलकुरआन में इस्लामिक दावा सेंटर जामियानगर नई दिल्ली के अध्यक्ष विश्व प्रसिद्ध इस्लाम के दाई डॉ उमर गौतम के आगमन पर एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया । प्रोग्राम की शरुआत मदरसे के अध्यापक हाफिज़ मोहम्मद इसरार ने कुरआन की तिलावत से की और और निजामत का फरीजा मुफ़्ती शाहिद रज़ा अलकास्मी ने निभाया।

डॉ उमर गोथम ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अल्लाह का एहसान है कि हम तमाम लोगों को अनमोल ज़िंदगी देकर उम्मते मोहम्मदिया में पैदा किया। उन्होंने ने कहा कि अल्लाह सिर्फ मुसलमनों का रब नहीं है बल्कि वह सारे संसार का रब है। आगे उन्होंने ने मज़हबे इस्लाम कबूल करने के बारे में बताते हुये कहा कि आप इतने भाग्यशाली हैं कि अल्लाह ने आपको मुस्लिम घर में पैदा किया। हमें तो यह भी नहीं पता था कि हम दुनिया में क्यों आये हैं और हमारी मृत्यु के बाद क्या होगा, इस्लाम का वास्तविक तथ्य क्या है। यह तमाम सारे सवाल हमारे दिमाग में घूमते रहते थे। आखिकार अल्लाह ने हमें ईमान व यक़ीन की दौलत से नवाज़ा, हमें श्याम लाल गोथम से मोहम्मद उमर कर दिया।

इस्लामिक दावा सेंटर जामियानगर नई दिल्ली के अध्यक्ष विश्व प्रसिद्ध इस्लाम के दाई डॉ उमर गौतम के आगमन पर भोपाल के मदरसा तह्फीजुलकुरआन में प्रोग्राम का हुआ आयोजन | New India Timesउन्होंने पांच वक़्त की नमाज़ो पर ज़ोर देते हुये कहा कि कुछ लोगों के पास आज दुनिया के सभी मामलों को हल करने का समय है, लेकिन नमाज अदा करने का समय नहीं है। वह तरह तरह के बहाने करते हैं। नमाज़ अल्लाह के नज़दीक सबसे ज़्यादा पसंदीदा अमल है। नमाज़ किसी भी सूरत में माफ नहीं है । हमें इस में लापरवाही नहीं करना चाहिए। आगे उन्होंने ने हदीसे नबवी का हवाला देते हुये कहा कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहा, “प्रत्येक व्यक्ति अपने वादे सच्चा हो क्योंकि वादा खिलाफी करना पाप है। हमें वादा खिलाफी से बचना चाहिए ।आज से हम वादा पूरा करने वालों में से बनेंगे। अंत में उन्होंने छात्रों से संबोधित करते हुए कहा कि जिन्होंने अपने सीनों में कुरआन जैसी अज़ीम दौलत को महफूज़ कर लिया और जो इस कोशिश में लगे हुये हैं वह छात्र मोबारक बाद के लायक हैं। मेरे प्यारे बच्चों, अपने शिक्षकों के साहित्य और सम्मान का ख्याल रखें और विचार करें कि शिक्षक हमें क्या पढ़ा रहे हैं।
मैं आपके लिए दुआ करता हूं कि अल्लाह आपको इस्लाम धर्म को मनाने वाला बनाये ।हमें यहां के छात्रों और शिक्षकों से मिलकर बहुत खुशी हुई। इस प्रोग्राम में मदरसे के सभी शिक्षक उपस्तिथ हुए।

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