रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से उमरह करने के लिए 18 सदस्यों का एक साथ रवाना होना कुशलगढ़ के इतिहास में पहली बार संभव हुआ है। बताते हैं कि उमराह 15 दिन का होता है और हज 40 दिन का।

हज या उमरह के दौरान मक्का में काबा शरीफ का तवाफ किया जाता हैं और मदीने में जन्नत की क्यारी में नमाज अदा कर मुकाम ए रसूल की जियारत की जाती है। मक्का मदीना में ऐतिहासिक मुकाम की जियारत आसानी से करते हैं। हज में काफी भीड़ रहती है इसलिए उमराह में आसानी रहती है इसलिए मक्का मदीना उमराह करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जाने लगे हैं।

इसी तरह बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से बड़ी संख्या में उमराह करने के लिए जाने लगे तो हजारों लोगों ने इस्तकबाल कर मुसाफा करते हुए गले लगा कर हजारों नम आंखों से विदाई दी गई और अपने हक में दुआएं खेर करने के लिए कहा गया। यह यहां के इतिहास का पहला ऐसा अवसर था जो इतनी बड़ी संख्या में लोग गुमराह करने के लिए राजस्थान के कुशलगढ़ से रवाना हुए हैं।
