अविनाश द्विवेदी, भिंड (मप्र), NIT;
मध्यप्रदेश के भिंड जिले में सुबह तो बंद शांतिपूर्ण रहा लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वैसे-वैसे सवर्ण युवाओं की भीड़ इकट्ठा होना शुरू हो गई। भिंड में सैकड़ों युवाओं ने अलग-अलग जगहों पर रैली निकाली। परेड चौराहे पर विधायक पुत्र पुष्पेंद्र सिंह रैली की अगुवाई कर रहे थे जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया जिसके बाद बड़ी संख्या में युवा थाना परिसर में गिरफ्तारी देने पहुंच गए। रैली निकाल रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग भी करना पड़ा। खुद एसपी रुडोल्फ अल्वारेस और एडिशनल एसपी गुरु करन सिंह ने मोर्चा संभालते हुए मुख्य सड़क से लेकर गलियां तक में आंदोलनकारियों को खदेड़ा। वहीं मेहगांव कस्बे में भी सैकड़ों युवाओं ने रैली निकालते हुए नारेबाजी की लेकिन यहां पर पुलिस उनके साथ साथ ही चली।
2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के दौरान भिंड में हुई बड़ी हिंसा के बाद पुलिस किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहती थी। अंत में आंदिलंकारियों और शासन के दबाब के बाद एक हलफनामा लेकर आंदोलनकारियों को छोड़ दिया गया जो एक जुलूस के रूप में सदर बाजार होकर अपने अपने घरों को रवाना हुए।
