दयाशंकर पांडेय, प्रतापगढ (यूपी), NIT;
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चौपाल का कार्यक्रम कंधई मधुपुर में तय होने के बाद भी इलाके के लोग उनसे रूबरू होने के लिए तैयारी करने लगे थे। कोई समस्याओं का पुलिंदा तैयार कर रहा था तो कोई सरकारी योजनाओं में धांधली की शिकायत करने का मन बना रहा था। चौपाल में पहुंचने को लेकर उनके मन में संशय था, लेकिन सोमवार शाम बे-रोक टोक लोग चौपाल में पहुंचे तो लगा अब वे सीएम को अपनी समस्या बताकर ही हटेंगे, लेकिन उनकी सोच दिल में ही दबी रह गई। स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने माइक थामा तो वे ग्रामीणों से रूबरू होने के बजाए सरकारी योजनाओं के गुणगान में ही पूरा समय गुजार दिए। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का गुणगान करने के दौरान कुछ लोग तो ताली बजाते रहे, लेकिन चौपाल में बैठे भारी संख्या में लोग मुख्यमंत्री को देख भी नहीं पा रहे थे। कुछ लोगों ने मंच के करीब जाकर प्रार्थना पत्र देने का प्रयास किया, तो पुलिस वालों ने उन्हें खींच लिया। किसी ने जोर से बोला तो मुख्यमंत्री खुद उसे अपना बात सुनने की हिदायत देते रहे। ऐसे में कंधई मधुपुर के साथ ही मुख्यमंत्री को सुनाने के लिए अपनी फरियाद लेकर आए दूर दराज के लोग भी निराश होकर लौट गए।
