संदीप शुक्ला, ग्वालियर (मप्र), NIT;
1-1 -2017 से प्रदेश में प्रभावशील हुई इस योजना के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं और धात्री माताएं 1-1-17 को या उससे पश्च्यात परिवार में जन्मे पहले बच्चे से संबंधित योजना में पात्र होंगे।
यह योजना 51 जिलों में संचालित हो रही है जो कि भारत सरकार का उपक्रम है। योजना में गर्भवती महिलाओं को मजदूरी के आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नगद पुरस्कार प्रदान करना ताकि प्रथम बच्चे के प्रसव के पूर्व एवं पश्चात उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।
नगद प्रोत्साहन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों में सुधार लाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
योजना को मूल रूप देने और विस्तृत जानकारी देने के लिए मीडिया कार्यशाला का आयोजन शहर के तानसेन रेजीडेंसी में आयोजित हुई।
इस योजना के अंतर्गत तीन किश्तों में गर्भवती महिला हितग्राही को प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी।
- प्रथम किस्त गर्भावस्था के शीघ्र पंजीकरण के बाद।
- द्वितीय किस्त कम से कम एक प्रसव या गर्भावस्था के 6 माह बाद ₹2000
- तृतीय किस्त बच्चे के जन्म का पंजीकरण बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण के समय ₹2000
योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही को अपना व पति का आधार कार्ड देना अनिवार्य किया गया है एवं बैंक का अकाउंट नंबर भी देना होगा। किसी कारणवश यदि आधार नहीं है पहली किस्त के बाद अगली किस्त तक आधार कार्ड अनिवार्य रूप से जमा कराना होगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियांवयन की समय सीमा अधिकतम सात दिवस रहेगी।
कार्यशाला आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि 17500 का लक्ष्य ढाई महीने में रखा गया था जिसमें आज दिनांक तक 8,000 प्रसूताओं के खाते में प्रोत्साहन राशि पहुंच चुका है।
