मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ मैहर (म.प्र.), NIT:
मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुकुंदपुर में स्थित रूप सागर तालाब से होकर बाईपास मार्ग के निर्माण का कार्य एक संविदाकार को सौंपा गया है। आरोप है कि उक्त संविदाकार को तालाब की मेड़ और तालाब के भीतर से मिट्टी की खुदाई कर डंपर एवं ट्रैक्टरों के माध्यम से ढुलाई करने तथा सड़क एवं पुलिया निर्माण में उपयोग करने या अन्य लोगों को बेचने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद संविदाकार द्वारा कथित रूप से तालाब की मेड़ को क्षतिग्रस्त कर मिट्टी की खुदाई और ढुलाई कराई जा रही थी।

नवभारत समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद नायब तहसीलदार ताला मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर जेसीबी और ट्रैक्टर को पकड़कर जब्ती की कार्रवाई की। नायब तहसीलदार को मौके पर देखकर संविदाकार ने संबंधित पत्रकार से माफी मांगते हुए अपनी गलती पर खेद व्यक्त किया।

नायब तहसीलदार ने मौके पर संविदाकार से तालाब की मेड़ और तालाब के भीतर से मिट्टी की खुदाई एवं उपयोग करने संबंधी अनुमति पत्र प्रस्तुत करने को कहा। इस पर संविदाकार ने आनन-फानन में एक अन्य अनुमति पत्र प्रस्तुत कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि, नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत अनुमति पत्र में तालाब की मेड़ और तालाब के भीतर खुदाई कर मिट्टी का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

इसी दौरान मौके पर मौजूद संविदाकार के लोगों द्वारा कथित रूप से जेसीबी और ट्रैक्टर चालकों को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद नायब तहसीलदार ताला ने संविदाकार को निर्देश दिया कि जेसीबी और ट्रैक्टर को थाना ताला में जमा कराया जाए। ऐसा नहीं करने पर आगे की कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।

इस पर संविदाकार ने शाम तक जेसीबी और ट्रैक्टर थाने पहुंचाने की बात कही। इसी आश्वासन के बाद नायब तहसीलदार अपने मुख्यालय लौट गए। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जेसीबी और ट्रैक्टर थाने नहीं पहुंचाए गए थे।

हजारों डंपर मिट्टी निकाले जाने से राजस्व को नुकसान की आशंका
बताया जा रहा है कि संविदाकार द्वारा अब तक तालाब से हजारों डंपर और ट्रैक्टर मिट्टी निकालकर उपयोग में ली जा चुकी है। इससे शासन को लाखों रुपये की राजस्व क्षति होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, तालाब की मेड़ और भीतर लगातार खुदाई होने से वहां गहरी खाइयां बन सकती हैं, जिससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बनी हुई है।
अब देखना यह होगा कि नायब तहसीलदार ताला इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं। क्या संबंधित संविदाकार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी या फिर यह पूरा मामला केवल औपचारिक कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा?

