अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान,भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के बाद फरार हुए मुख्य आरोपी और घरेलू केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच, जोन-01 और एसआईटी की संयुक्त टीम ने आगरा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पिछले एक महीने से अधिक समय से मध्यप्रदेश सहित नौ राज्यों में लगातार तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस टीमों ने 2500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और 100 से अधिक संदिग्धों तथा आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ की। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर की रात से 30 सितंबर की सुबह के बीच सूरज नगर स्थित अपने घर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (70) की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि उनके यहां केयरटेकर के रूप में काम करने वाला वरुण घटना के बाद घर से निकला और रेलवे स्टेशन पहुंचकर केरल एक्सप्रेस ट्रेन से फरार हो गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसके भागने का रास्ता तलाशा और अलग-अलग राज्यों में टीमें रवाना कीं।
आगरा-मथुरा मार्ग पर कचरे का बैग लेकर घूमता मिला आरोपी
लगातार तलाश के दौरान पुलिस को आगरा में आरोपी के देखे जाने की पुख्ता सूचना मिली। इसके बाद भोपाल पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आगरा और आसपास के इलाकों में घेराबंदी की। आगरा-मथुरा मार्ग पर आरोपी कचरे का बैग लेकर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को भोपाल लाते समय मुगलिया छाप के निकट उसने पुलिस हिरासत से भागने और पिस्टल छीनने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प में वह घायल हो गया। पुलिस ने इसे शॉर्ट एनकाउंटर बताया है। आरोपी को उपचार के बाद हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
नौ राज्यों में तलाश, 2500 से ज्यादा कैमरों की जांच
आरोपी की तलाश में भोपाल पुलिस ने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक में अभियान चलाया। पुलिस की टीमें ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, जयपुर, अलवर, पुणे और पंजाब के नाभा-पटियाला तक पहुंचीं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धर्मशालाओं, मंदिरों, आश्रमों और रैन बसेरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। कई पुलिसकर्मियों ने अपनी वेशभूषा बदलकर भी संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी रखी। इसके अलावा आरोपी के मित्रों, रिश्तेदारों और पूर्व में उसके साथ काम करने वाले लोगों से पूछताछ की गई।
हाउसकीपिंग एजेंसी के माध्यम से मिला था काम
जांच में सामने आया कि आरोपी वरुण वाल्मीकि भोपाल की वर्मा होम हेल्थ केयर एवं हाउसकीपिंग एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर पर केयरटेकर के रूप में काम करने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी अलग-अलग राज्यों में हाउसकीपिंग और केयरटेकर का काम कर चुका था। घटना के बाद वह ट्रेन से फरार हो गया था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
नाराजगी और दुर्भावना को बताया हत्या का कारण
पुलिस के अनुसार, अब तक की पूछताछ में आरोपी ने मृतक के प्रति नाराजगी और दुर्भावना के चलते हमला करने की बात बताई है। हमले में आई चोटों के कारण राकेश अग्रवाल की मृत्यु हुई। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस विस्तृत पूछताछ कर रही है।
पहले भी अलग-अलग जगहों पर सामने आई थीं शिकायतें
पुलिस की जांच में आरोपी के पूर्व कार्यस्थलों से जुड़ी कुछ घटनाओं की जानकारी भी सामने आई है। जून 2026 में जयपुर की रूही हेल्थ केयर सर्विस में काम के दौरान व्यवहार संबंधी शिकायत मिलने पर उसे हटा दिया गया था। ग्वालियर की सार्थू होम नर्सिंग केयर एजेंसी से 23 अगस्त 2026 को मोबाइल फोन चोरी होने की जानकारी मिली है। वहीं उत्तराखंड के नैनीताल में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच एक बुजुर्ग की देखभाल के काम के दौरान नशा करने और बुजुर्ग के साथ कथित तौर पर गला दबाने की घटना की शिकायत सामने आई थी। पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद बुजुर्ग को बचाया गया था और आरोपी को काम से हटा दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चला अभियान
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देश पर डीसीपी जोन-01 अखिल पटेल के निर्देशन में क्राइम ब्रांच और जोन-01 की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया। इसमें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध शाखा शैलेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-01 रश्मि अग्रवाल दुबे, पुलिस मुख्यालय के समन्वय और अन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रातीबड़ रासबिहारी शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। ग्वालियर, जीआरपी ग्वालियर, सागर पुलिस के साथ पंजाब, उत्तरप्रदेश और राजस्थान पुलिस ने भी तलाश में सहयोग किया।
पुलिस ने बताया कि मामले में एक दर्जन से अधिक टीमें लगातार काम कर रही थीं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब उससे हत्या के कारण, घटनाक्रम और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है।

