नीरज शर्मा, लालगंज/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

जनपद मिर्जापुर के लालगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर वासितदली में 79 अंत्योदय कार्डों के सत्यापन का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सत्यापन प्रक्रिया में देरी और अधिकारियों की कथित उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को लेकर कई बार शिकायत और मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, 79 अंत्योदय कार्डों के सत्यापन के लिए सहायक पंचायत अधिकारी की ओर से तीन दिवसीय नोटिस जारी किया गया था, जिसकी रिसीविंग ग्राम प्रधान एवं कोटेदार द्वारा कराई गई थी। आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद निर्धारित समय में ग्राम प्रधान की ओर से कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस जारी होने के करीब एक माह बाद भी सत्यापन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
मामले को प्रिंट मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से उठाए जाने के बाद ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी के संज्ञान में भी यह प्रकरण लाया था। बताया जाता है कि खंड विकास अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर 79 अंत्योदय कार्डों का सत्यापन कराने और पात्रता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया था। इससे ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही निष्पक्ष जांच होगी और पात्र-अपात्र लाभार्थियों की स्थिति सामने आएगी।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बाद भी अब तक धरातल पर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है। न तो जांच टीम की कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक हुई और न ही सत्यापन को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति सामने आई है। ऐसे में खंड विकास अधिकारी के आश्वासन को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सहायक पंचायत अधिकारी की ओर से तीन दिवसीय नोटिस जारी किया गया था, तो निर्धारित समय में उसका अनुपालन नहीं होने पर अब तक संबंधित लोगों से जवाब-तलब क्यों नहीं किया गया? क्या सरकारी आदेशों की अनदेखी के मामले में जिम्मेदारी तय होगी या फिर यह प्रकरण भी प्रशासनिक फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा?
गौरतलब है कि अंत्योदय योजना का उद्देश्य समाज के सबसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में 79 अंत्योदय कार्डों की पात्रता का सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण है। यदि कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ ले रहा है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सक्षम अधिकारियों की टीम गठित कर ग्राम पंचायत में तत्काल मौके पर सत्यापन कराया जाए। साथ ही सहायक पंचायत अधिकारी द्वारा जारी नोटिस के अनुपालन की भी जांच हो। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या सरकारी आदेशों की अवहेलना प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या खंड विकास अधिकारी अपने आश्वासन के अनुरूप जांच प्रक्रिया पूरी कराकर 79 अंत्योदय कार्डों की वास्तविक पात्रता स्पष्ट करेंगे? फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें खंड विकास अधिकारी से लेकर जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक टिकी हैं। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

