मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
कृषि विज्ञान केंद्र शाहजहांपुर में शुक्रवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जनपद स्तरीय जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को पराली न जलाने और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय प्रताप सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण), उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी सहित कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
गोष्ठी के दौरान गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी किए जाने के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इस दौरान बताया गया कि जनपद के 3 लाख 85 हजार 406 किसानों के बैंक खातों में कुल 77.08 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि पराली जलाने से खेतों में मौजूद लाभकारी कीट नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। किसानों से अपील की गई कि वे पराली न जलाएं और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से कृषि यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को सरसों और मसूर के मिनीकिट भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय प्रताप सिंह ने पराली प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव जाकर किसानों को पराली न जलाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त प्राप्त करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, किसानों को निःशुल्क सरसों एवं मसूर के मिनीकिट और अनुदान पर कृषि यंत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक पुरुषोत्तम कुमार मिश्र सहित कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

