वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
जिले के नकहा ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इंडियन बैंक की अमृतागंज शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शाखा में हो रहे कामकाज और ऋण (लोन) वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के एक जागरूक नागरिक ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) का सहारा लिया है।
जिले के नकहा ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इंडियन बैंक की अमृतागंज शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शाखा में हो रहे कामकाज और ऋण (लोन) वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के एक जागरूक नागरिक ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) का सहारा लिया है।
सिरैंचा मजरा ठकुरनपुरवा निवासी अनुराग कुमार ने इस संबंध में अमृतागंज शाखा प्रबंधक और इंडियन बैंक के अंचल कार्यालय (लखनऊ) के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी को विस्तृत RTI आवेदन भेजकर 14 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
आवेदक अनुराग कुमार द्वारा दायर RTI में मुख्य रूप से भैंस KCC और पशुपालन KCC (1.60 लाख रुपये एवं 2 लाख रुपये) के तहत दिए जाने वाले ऋण की प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी मांगी गई है। आवेदन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित जानकारियां मांगी गई हैं:
- पशुपालन ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की आधिकारिक चेकलिस्ट।
- ऋण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले ‘रवन्ना’ (पशु खरीद रसीद) का वैध प्रारूप और क्या यह किसी रिश्तेदार के नाम पर मान्य होता है?
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुद्रा लोन के अंतर्गत ली जाने वाली प्रोसेसिंग फीस एवं बीमा प्रीमियम से संबंधित बैंक के आधिकारिक सर्कुलर।
- 1 जनवरी 2025 से अब तक शाखा द्वारा स्वीकृत किए गए 2 लाख रुपये वाले भैंस KCC लोन की सूची।
- इन स्वीकृत ऋणों में जमा किए गए रवन्ना की प्रमाणित प्रतियां और पशु चिकित्सक द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के रिकॉर्ड।
- 15,000 रुपये के बीमा की अनिवार्यता और ग्राहकों से लिए जाने वाले सहमति पत्र की जानकारी।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि बैंक शाखा में कथित रूप से नियमों की अनदेखी करते हुए बिना भैंस खरीदे ही केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ऋण स्वीकृत किए जाने की आशंका है। इस कथित अनियमितता के पीछे आवेदक ने बैंक में लंबे समय से तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है।
कर्मचारियों के कार्यकाल को लेकर भी मांगी जानकारी
RTI आवेदन में बैंक कर्मचारियों के कार्यकाल और तैनाती को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पिछले पांच वर्षों में अमृतागंज शाखा में तैनात रहे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जॉइनिंग और रिलीविंग (कार्यमुक्ति) की तारीखें।
- ऋण फाइलों की जांच करने और उन्हें आगे बढ़ाने वाले कर्मचारियों का विवरण।
- इंडियन बैंक की आधिकारिक स्थानांतरण नीति की प्रति।
- तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही शाखा में लगातार तैनात कर्मचारियों को वहां बनाए रखने के लिए जारी विशेष अनुमति आदेशों की प्रतियां।
इस मामले की जानकारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से RTI आवेदन की एक प्रति केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (CPIO), इंडियन बैंक, 2-बी हबीबुल्ला इस्टेट, हजरतगंज, लखनऊ-226001 को भी भेजी गई है।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। अब सभी की निगाहें बैंक प्रबंधन और केंद्रीय जन सूचना अधिकारी की ओर से मिलने वाले आधिकारिक जवाब पर टिकी हैं। RTI के जवाब और उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों के बाद ही ऋण वितरण प्रक्रिया तथा कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े सवालों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

