मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
क्षेत्र के डूंगरिया पनारा में खनिज (माइनिंग) भूमि एवं सेंट्रल रेलवे की जमीन से आवागमन के लिए रास्ते की लंबे समय से की जा रही मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे संजय विनायक का अनशन आखिरकार प्रशासन की पहल के बाद समाप्त हो गया। तहसीलदार ज्योति ठोके ने अनशन स्थल पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और सीमांकन सहित आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त करवाया।
डूंगरिया पनारा क्षेत्र में लंबे समय से खनिज भूमि और रेलवे की जमीन से आवागमन के लिए पक्के रास्ते की मांग की जा रही थी। रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर संजय विनायक अनशन पर बैठे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ज्योति ठोके ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और निम्नलिखित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
राजस्व दल का गठन: क्षेत्र का निष्पक्ष एवं सटीक सीमांकन करने के लिए तत्काल विशेष राजस्व दल का गठन किया गया है।
मंगलवार को होगा सीमांकन: गठित राजस्व दल आगामी मंगलवार को मौके पर पहुंचकर जमीन का विधिवत सीमांकन करेगा।
धारा 131 के तहत होगी कार्रवाई: तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि सीमांकन रिपोर्ट एवं धारा 131 के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत होने के बाद प्रशासन नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेगा।
प्रशासन की ओर से मिले लिखित एवं मौखिक आश्वासन के बाद संजय विनायक ने जल ग्रहण कर अपना अनशन समाप्त कर दिया।
तहसीलदार ज्योति ठोके ने कहा, “रास्ते की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सीमांकन दल गठित कर दिया गया है। मंगलवार को सीमांकन की कार्रवाई पूरी की जाएगी। धारा 131 के तहत आवेदन प्राप्त होते ही नियमानुसार त्वरित कदम उठाए जाएंगे।”
क्षेत्रीय जनता में जगी उम्मीद
अनशन समाप्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मंगलवार को होने वाले सीमांकन के बाद वर्षों पुरानी रास्ते की समस्या के समाधान का रास्ता साफ होगा और उन्हें आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

