अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:
बिहार में बैंकों के कार्य-प्रदर्शन का मूल्यांकन अब 100 अंकों के मापन सूचकांक के आधार पर किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत बैंकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर ग्रीन, येलो और रेड जोन में वर्गीकृत किया गया है। IDFC फर्स्ट बैंक 74 अंक हासिल कर ग्रीन जोन में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को 32 अंक के साथ रेड जोन में रखा गया है।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में पटना स्थित पुराने सचिवालय के मुख्य सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समिति की तीसरी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकों के समग्र प्रदर्शन, वार्षिक साख योजना, साख-जमा अनुपात (CD Ratio) और जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की समीक्षा की गई।
₹4.95 लाख करोड़ की वार्षिक साख योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार की वार्षिक साख योजना का लक्ष्य बढ़ाकर ₹4,95,000 करोड़ निर्धारित किया गया है। 30 सितंबर 2026 तक इसके विरुद्ध ₹1,89,343.52 करोड़ यानी 38.25 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में ₹46,228.29 करोड़ अधिक है।
एमएसएमई क्षेत्र में ₹1,59,632 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध ₹84,091.21 करोड़ यानी 52.68 प्रतिशत ऋण वितरण हुआ है। कृषि क्षेत्र में ₹1,57,015 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹43,967.17 करोड़ का ऋण प्रवाह दर्ज किया गया। वहीं, प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में ₹3,55,532 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध ₹1,30,619 करोड़ का ऋण वितरित किया गया है।
60.17 प्रतिशत रहा साख-जमा अनुपात
30 सितंबर 2026 तक बिहार का साख-जमा अनुपात 60.17 प्रतिशत रहा। राज्य में कुल जमा राशि ₹6,49,225 करोड़ और कुल बकाया ऋण ₹3,90,655 करोड़ तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष की तुलना में जमा राशि में ₹33,797 करोड़ और ऋण वितरण में ₹20,092 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई।
ग्रीन, येलो और रेड जोन में बैंकों का वर्गीकरण
100 अंकों के मापन सूचकांक के तहत बैंकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
ग्रीन जोन — उत्कृष्ट प्रदर्शन (50 या अधिक अंक):
IDFC फर्स्ट बैंक 74 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा। जम्मू एंड कश्मीर बैंक और RBL बैंक को 68-68 अंक, HDFC बैंक को 65, बैंक ऑफ बड़ौदा को 64 तथा उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को 63 अंक मिले। बिहार ग्रामीण बैंक को 57 अंक प्राप्त हुए।
येलो जोन — मध्यम प्रदर्शन (40 से 49 अंक):
ICICI बैंक और बैंक ऑफ इंडिया को 47-47 अंक, पंजाब नेशनल बैंक को 45, एक्सिस बैंक और यस बैंक को 42-42 तथा इंडियन बैंक को 40 अंक मिले।
रेड जोन — अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन (40 से कम अंक):
SBI को 32, केनरा बैंक को 27 तथा IDBI बैंक, बंधन बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक को 26-26 अंक मिले। इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 37-37 तथा यूको बैंक को 35 अंक प्राप्त हुए।
जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की समीक्षा
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 7,37,906 खातों के माध्यम से ₹8,344.70 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया है। पशुपालन क्षेत्र में ₹605.01 करोड़ और मत्स्य पालन क्षेत्र में ₹11.12 करोड़ का ऋण दिया गया।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 13,911 आवेदन स्वीकृत किए गए। पीएम स्वनिधि योजना में 2,17,731 आवेदन स्वीकृत कर ₹2,09,959 लाख का ऋण वितरित किया गया। वहीं, पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से हजारों उद्यमियों एवं शिल्पकारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
बैंकों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने राज्य के औसत प्रदर्शन से पीछे रहने वाले बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने और वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में जमा होने वाली राशि का निवेश राज्य के विकास में होना चाहिए।
उन्होंने कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ऋण प्रवाह बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने तथा किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम विश्वकर्मा और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं से जुड़ी योजनाओं में ऋण अस्वीकृति की दर कम करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के मुख्य संयोजक, विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

