मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

राळेगांव तहसील के पिंपरी सावित्री गांव में सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने आदिवासी विकास मंत्री तथा राळेगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अशोकराव उईके को निवेदन सौंपकर गांव की लंबित विकास समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई मुख्य एवं आंतरिक मार्ग अब भी कच्चे और गड्ढों से भरे हुए हैं। बारिश के दौरान इन रास्तों पर कीचड़ और जलजमाव होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गांव में पर्याप्त नाली व्यवस्था नहीं होने के कारण सांडपानी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो रहा है। इससे गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। ग्रामीणों ने आवश्यक स्थानों पर सीमेंट-कंक्रीट नालियों का निर्माण कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था करने की मांग की है।
पेयजल की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि नियमित और शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
निवेदन के माध्यम से गांव के मुख्य एवं आंतरिक रास्तों का सीमेंट-कंक्रीटीकरण अथवा डामरीकरण, आवश्यक स्थानों पर नालियों का निर्माण, नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति तथा अन्य लंबित विकास कार्यों को प्रशासनिक एवं आर्थिक मंजूरी देने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने मंत्री डॉ. अशोकराव उईके से संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से गांव का प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण और समस्याओं का सर्वे कराने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि विकास कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।

