पर्युषण पर्व के पांचवें दिन जन्मवाचन पर निकला भव्य वरघोड़ा, 108 दीपकों से हुई भगवान आदिनाथ की महाआरती | New India Times

रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

पर्युषण पर्व के पांचवें दिन जन्मवाचन पर निकला भव्य वरघोड़ा, 108 दीपकों से हुई भगवान आदिनाथ की महाआरती | New India Times

श्री केसरियानाथ जैन देरासर में पर्युषण पर्व के पांचवें दिन कल्पसूत्र के जन्मवाचन एवं भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक का आयोजन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर 14 स्वप्नों का चढ़ावा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक लिया। जन्मवाचन के दौरान भगवान महावीर स्वामी के जन्म प्रसंग का वाचन होते ही मंदिर परिसर “त्रिशला नंदन वीर की जय, बोलो महावीर की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
जन्मवाचन के पश्चात बैंड-बाजों के साथ 14 स्वप्नों को शामिल कर भव्य वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इसमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने वरघोड़े का स्वागत किया। बैंड की धार्मिक धुनों और भगवान महावीर के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया।
वरघोड़े के पुनः श्री केसरियानाथ जैन देरासर पहुंचने पर भगवान श्री आदिनाथ, मंगलदीप, गौतम स्वामीजी, आचार्य श्री राजेंद्र सूरीजी महाराज एवं श्री नाकोड़ा भैरव देव की महाआरती के चढ़ावे बोले गए। लाभार्थियों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती में सहभागिता की। इस अवसर पर श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ की ओर से सकल जैन संघ का स्वामी वात्सल्य भी आयोजित किया गया।
रात्रि में शैतानमल कुमट द्वारा संध्या आरती का चढ़ावा लिया गया। इसके बाद सकल श्रीसंघ कुमट परिवार के निवास पर पहुंचा। यहां से ढोल-धमाकों के साथ कुमारपाल राजा बने शैतानमल कुमट एवं रानी बनीं श्रीमती मीना कुमट को सिरवी मोहल्ला एवं सदर बाजार होते हुए श्री केसरियानाथ जिनालय लाया गया। यहां कुमारपाल राजा और रानी ने धुलेवा धणी दादा श्री आदिनाथ भगवान की 108 दीपकों से महाआरती की। मंगलदीप आरती में भी समाजजनों ने अपने घरों से लाए मिट्टी के दीपकों के साथ सामूहिक रूप से आराधना की।

पर्युषण पर्व के पांचवें दिन जन्मवाचन पर निकला भव्य वरघोड़ा, 108 दीपकों से हुई भगवान आदिनाथ की महाआरती | New India Times

इन परिवारों ने लिया आरती एवं अन्य चढ़ावों का लाभ
जन्मवाचन के पश्चात भगवान श्री आदिनाथ की आरती का लाभ झमकलाल-भेरुलाल मांडोत परिवार ने लिया। मंगलदीप आरती का लाभ कनकमलजी, हुकमीचंद एवं बाबूलाल मांडोत परिवार ने लिया। गौतम स्वामीजी एवं आचार्य श्री राजेंद्र सूरीजी महाराज की आरती का लाभ ओमप्रकाश, विक्की एवं अर्पित सेठिया परिवार ने लिया। श्री नाकोड़ा भैरव देव की आरती का लाभ संजय कुमार एवं अजित कुमार मेहता, झकनावदा (हाल मुकाम राजगढ़) परिवार ने लिया।
मां लक्ष्मीजी को सिर पर उठाकर नगर भ्रमण करवाने का लाभ बबलू मांडोत परिवार ने लिया। भगवान के जन्मवाचन के पश्चात केसर से प्रथम छापे लगाने का चढ़ावा अजित कुमार मेहता परिवार तथा प्रथम पालना झुलाने का चढ़ावा दिलीप कुमार (दिल्लू सेठ) मांडोत परिवार ने लिया।
प्रतिदिन हो रहे धार्मिक आयोजन
पर्युषण पर्व के दौरान देरासर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समाजजन मूलनायक भगवान धुलेवा धणी दादा श्री आदिनाथ भगवान की केसर पूजा के साथ श्री केसरियानाथ भगवान की आकर्षक अंगरचना कर रहे हैं। श्रीसंघ के आग्रह पर आए आराधक ऋषभ जैन चौहमेला, कल्प जैन चौहमेला (राजस्थान) एवं अमन जैन द्वारा प्रतिक्रमण, प्रवचन, आरती और भक्ति सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन कराए जा रहे हैं।
जन्मवाचन और भव्य वरघोड़े के आयोजन से पूरे नगर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। समाजजनों ने भगवान महावीर स्वामी के सत्य, अहिंसा, संयम और करुणा के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
सफल आयोजन में इनका रहा सहयोग
आयोजन को सफल बनाने में झमकलाल मांडोत, शैतानमल कुमट, दिलीप कुमार मांडोत, बाबूलाल मांडोत, हुकमीचंद मांडोत, निर्मल कुमार मांडोत, प्रकाशचंद्र मांडोत, शंभूलाल सेठिया, ओमप्रकाश सेठिया, नानालाल मांडोत, प्रीतेश (लालू) मांडोत, बबलू मांडोत, महावीर सेठिया, विक्की सेठिया, राकेश सेठिया, अर्जुन सेठिया, रोशन सेठिया, बाबूलाल सेठिया सहित समाज के अनेक परिवारों का सराहनीय सहयोग रहा।

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