मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

ग्राम पंचायत भरदी के ग्राम बिजापठार निवासी बुजुर्ग महिला श्रीमती बस्तरहिया शीलू (पति स्व. सुकल सिंह शीलू) पिछले चार महीनों से विधवा पेंशन की राशि नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। पति और पुत्र की मृत्यु के बाद महिला पर अपने करीब आठ वर्षीय पोते के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी है। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि दोनों का जीवन-यापन सरकारी पेंशन की राशि पर ही निर्भर है।
पेंशन नहीं मिलने से महिला को अपनी समस्या के समाधान के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों और बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बताया गया कि बिजापठार से दमुआ की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। आर्थिक तंगी के कारण किराए के पैसे नहीं होने पर बुजुर्ग महिला को कई बार सुबह पैदल ही अधिकारियों और बैंक तक पहुंचना पड़ रहा है। महिला का आरोप है कि वह कई बार ग्राम पंचायत भरदी, जनपद पंचायत जुन्नारदेव तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नंदौरा शाखा में अपनी समस्या बता चुकी हैं, लेकिन अब तक पेंशन शुरू नहीं हो सकी है।
चार महीने से पेंशन की राशि अटकी होने के कारण बुजुर्ग महिला और उसके मासूम पोते के सामने भोजन और दैनिक जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों व ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर पेंशन भुगतान में आ रही तकनीकी या प्रशासनिक समस्या को तत्काल दूर कराने तथा लंबित राशि दिलाने की मांग की है। सवाल यह है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस बेसहारा महिला की समस्या का समाधान कब करेंगे?
