साबिर खान, वसई-विरार/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:
मुंबई-अहमदाबाद महामार्ग पर बिना अनुमति और खतरनाक तरीके से रब्बिट बिल्डिंग का मलबा, सीमेंट तथा अन्य खराब कचरा (डेब्रिज) सड़क किनारे डालकर यातायात में बाधा उत्पन्न करने के मामले में नायगांव पुलिस ने हाइवा चालक और ट्रक मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से पुलिस उपनिरीक्षक एकनाथ प्रभाकर नलावडे तथा पुलिस हवलदार निलेश निवृत्ती गायकवाड (वाहतूक शाखा, वसई) चिंचोटी-खारबांव और चिंचोटी-बापाणे मार्ग पर पेट्रोलिंग एवं यातायात नियमन की ड्यूटी पर थे। दोपहर करीब 3 बजे गुजरात वाहिनी के वाहनों पर पार्किंग संबंधी कार्रवाई के दौरान वसई पूर्व बापाणे ब्रिज से कुछ आगे महामार्ग की बाईं ओर एक हाइवा ट्रक क्रमांक MH 58 B 8931 खड़ा मिला।
जांच में पाया गया कि हाइवा में रब्बिट बिल्डिंग से निकला सीमेंट, मलबा और अन्य डेब्रिज भरा हुआ था। आरोप है कि उक्त सामग्री को सड़क पर खतरनाक तरीके से डाला जा रहा था, जिससे यातायात बाधित होने और दुर्घटना की आशंका पैदा हो रही थी। सूचना मिलने पर नायगांव पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने हाइवा चालक वीरेंद्र कुमार उपेंद्र सहानी (30) तथा ट्रक मालिक ज्ञानेश्वर ओमोगे, निवासी सीएचएस लिमिटेड, शांतिगार्डन रोड, मिरारोड पूर्व के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, डेब्रिज सामग्री को विले पार्ले, मुंबई से भरकर लाया गया था।
नायगांव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं तथा महाराष्ट्र मालमत्ता विरूपण प्रतिबंध अधिनियम के तहत गु.र.क्र. 840/2026 दर्ज किया है। जांच के दौरान मामले में भारतीय न्याय संहिता की अन्य संबंधित धाराएं तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधान भी जोड़े गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, सड़क किनारे और आसपास के प्राकृतिक जलस्रोतों में डेब्रिज डाले जाने से जलनिकासी प्रभावित होने, जलस्रोत प्रदूषित होने तथा स्थानीय नागरिकों के जीवन को खतरा उत्पन्न होने की आशंका को भी गंभीरता से लिया गया है।
मामले की जांच परिमंडल-2 वसई के पुलिस उपायुक्त अशोक विरकर, सहायक पुलिस आयुक्त देवेंद्र पाटील तथा नायगांव पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा की जा रही है।

