डीएससी बंद होने से पनारा पंचायत की व्यवस्था ठप, स्ट्रीट लाइट बंद और मजदूरों का भुगतान अटका | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पनारा इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। पंचायत सचिव की डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) पिछले करीब दो महीनों से बंद होने के कारण पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, मजदूरों का भुगतान भी अटका हुआ है। बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण गांव की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।

एक महीने से अंधेरे में वार्ड नंबर एक

ग्राम पंचायत पनारा के बड़ा पनारा स्थित वार्ड नंबर एक (हेटी ढाना) में पिछले करीब एक महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। वर्तमान में मानसून का दौर जारी है और लगातार बारिश के चलते ग्रामीणों को रात के समय आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अंधेरे में बढ़ा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा

बरसात के मौसम में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में रास्तों पर अंधेरा होने से ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए रात के समय आवागमन मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

सचिव के स्थानांतरण के बाद बढ़ी समस्या

सूत्रों के अनुसार, पंचायत के तत्कालीन सचिव जयपाल यदुवंशी का अन्यत्र स्थानांतरण हो चुका है। बताया जा रहा है कि नए सचिव द्वारा पंचायत का आधिकारिक प्रभार ग्रहण नहीं किए जाने के कारण डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) संबंधी प्रक्रिया प्रभावित है।

डीएससी बंद होने के कारण पंचायत के कई भुगतान और विकास कार्यों से जुड़ी प्रक्रियाएं प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इसका असर मजदूरों के भुगतान पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर नए सचिव को प्रभार दिलाने, डीएससी संबंधी समस्या का निराकरण करने, लंबित मजदूरी का भुगतान कराने तथा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

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