मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हलषष्ठी (हरछठ) का पावन पर्व नगर में बुधवार, 2 सितंबर को श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। नगर के वार्ड क्रमांक 2 में माताओं ने अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम के समय विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पारंपरिक हरछठ व्रत कथा का श्रवण किया गया।
महिलाओं ने घर के आंगन में गोबर से प्रतीकात्मक रूप से महुआ की शाखा, पलाश और कांस की झाड़ियों की स्थापना कर हरछठ माता का पूजन किया। पूजा में महुआ के पत्ते, पसही के चावल, छह प्रकार के अनाज—गेहूं, चना, जौ, मक्का, धान और अरहर—तथा छह प्रकार की सब्जियां अर्पित की गईं।
पूजा के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से हरछठ की पावन पौराणिक कथा का श्रवण किया। कथा सुनने के बाद माताओं ने महुआ के पत्ते से अपने बच्चों पर जल का छिड़काव कर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनकी दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर वार्ड की मंजू पांडे, पूनम डेहरिया, सरिता नागले, अनीता खोबरे, संगीता डेहरिया, बबीता चौबे, पूजा मालवीय, पूर्णिमा पंडोले, पूजा राजपूत, रीना नागले, शेषा सनोडिया, अंकित नागले, निशु आर्य, सविता खोबरे, सरला विश्वकर्मा, प्रमिला सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

