मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के निर्विरोध निर्वाचन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यवतमाल नगर परिषद के नगरसेवक एवं कांग्रेस प्रदेश सचिव जावेद परवेज अंसारी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित आर्थिक लेन-देन, पद के दुरुपयोग और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक पालकमंत्री संजय राठोड को मंत्रिपद से दूर रखने तथा विधान परिषद सदस्य दुष्यंत चतुर्वेदी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।


अंसारी ने 17 अगस्त को मुंबई में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि यवतमाल स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद निर्वाचन की प्रक्रिया में कथित तौर पर धनबल और पद का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने 10 अगस्त को जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त पत्र का भी ज्ञापन में उल्लेख किया है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून, नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 4 जून और मतदान 18 जून 2026 को होना था। हालांकि, बाद में चुनाव निर्विरोध हो गया। अंसारी का आरोप है कि इस घटनाक्रम से मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ा।
ऑडियो-वीडियो क्लिप की जांच की मांग
ज्ञापन में एक निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा कथित रूप से उपलब्ध कराई गई ऑडियो-वीडियो क्लिप का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें मंत्री संजय राठोड और विधायक दुष्यंत चतुर्वेदी के नाम लिए जाने का दावा किया गया है। अंसारी ने क्लिप की सत्यता समेत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कथित आर्थिक लेन-देन और धन के स्रोत की जांच की मांग
अंसारी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित आर्थिक लेन-देन की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही कथित लेन-देन में इस्तेमाल धन के स्रोत की भी जांच कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि यदि जांच के दौरान संबंधित मंत्री पद पर बने रहते हैं तो जांच प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए जांच पूरी होने तक उन्हें मंत्रिपद से दूर रखा जाना चाहिए।
निर्विरोध चुनाव के खिलाफ शिकायत पर जिलाधिकारी के समक्ष सुनवाई जारी
यवतमाल स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के निर्विरोध चुनाव को चुनौती देने वाली शिकायत पर जिलाधिकारी एवं जिला चुनाव अधिकारी के समक्ष सुनवाई जारी है। नगरसेवक जावेद परवेज अंसारी और नगरसेवक मोहम्मद शाकीर ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
मामले की पहली सुनवाई 12 अगस्त को जिलाधिकारी एवं जिला चुनाव अधिकारी के समक्ष हुई। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार दुष्यंत चतुर्वेदी ने कथित रूप से अन्य उम्मीदवारों को आर्थिक प्रलोभन और दबाव देकर नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया।
चुनाव विभाग को दस्तावेज और रिकॉर्डिंग सौंपी
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सुनवाई के दौरान कथित अनियमितताओं से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी चुनाव विभाग को सौंपी गई है। अब इन साक्ष्यों के आधार पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और चुनाव विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नज़र बनी हुई है।

