मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश में वर्तमान सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू किए जाने के संदर्भ में भोपाल में मध्य प्रदेश की प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और मिल्ली हस्तियों की एक महत्वपूर्ण एवं आपात बैठक 30 सफरुल मुजफ्फर 1448 हिजरी, तदानुसार 14 अगस्त 2026, शुक्रवार को आयोजित की गई।
बैठक में आरिफ मसूद साहब (विधायक), मुफ्ती जुनैद अहमद साहब फलाही सहित प्रदेश की अनेक प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर बुरहानपुर जिले से क़ाज़ी-ए-शहर मुफ्ती रहमत उल्लाह कासमी साहब भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्पष्ट किया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ भारतीय संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए मौलिक धार्मिक अधिकारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसीलिए इस्लामी शरीयत के मामलों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप अथवा समान नागरिक संहिता के माध्यम से मुस्लिम पर्सनल लॉ को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि इस महत्वपूर्ण विषय को कानूनी, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार एवं संबंधित अधिकारियों, शासन प्रशासन के समक्ष गांधीवादी तरीके से रखा जाएगा। साथ ही, मुस्लिम समाज की आशंकाओं, भावनाओं और संवैधानिक अधिकारों से संबंधित पक्ष को मजबूती के साथ सरकार और संबंधित अधिकारियों और शासन प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में मुस्लिम समाज के भीतर शरीयत के धार्मिक आदेशों पर अमल, सामाजिक सुधार और समाज में जागरूकता की मुहिम को और तेज़ करने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
बैठक में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि प्रदेश के सभी जिलों के उलेमा, क़ाज़ी-ए-शहर और मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय के साथ एक साझा एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें, ताकि लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहते हुए मुस्लिम समाज के धार्मिक एवं संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा की जा सके।
बैठक के अंत में उपस्थित प्रमुख हस्तियों ने इस पूरे मामले में कानून और संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण, संगठित और प्रभावी प्रयास जारी रखने पर ज़ोर दिया।

