अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

वत्सल्य ग्राम के निर्माण में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले देश के महान चिंतक एवं राष्ट्रवादी पत्रकारिता के पर्याय वरिष्ठ पत्रकार साकेतवासी श्री भानु प्रताप शुक्ल जी की जयंती संविद् गुरुकुलम् गर्ल्स सैनिक स्कूल, वृन्दावन के सभागार में ‘राष्ट्र चिंतन दिवस’ के रूप में मनाई गई।
कार्यक्रम में अधिष्ठात्री परम पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा, विशिष्ट अतिथि रमेश सिंह (पूर्व अपर महाधिवक्ता, उत्तर प्रदेश सरकार), पूर्व ऊर्जा राज्य मंत्री रविकांत गर्ग एवं महेश खंडेलवाल ने वीणावादिनी वागेश्वरी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर साकेतवासी श्री भानु प्रताप शुक्ल जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया। तत्पश्चात एजुकेशन डायरेक्टर द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को पटका पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों को सत्य के पक्षधर रहना चाहिए। प्रलोभन और भय से मुक्त होकर देश के लिए संवाहक बनें। विमर्श के संग्राम में राष्ट्रहित सर्वोपरि है। पक्ष-विपक्ष में पड़कर लोभियों और राष्ट्रद्रोहियों का खिलौना बनने के बजाय सत्य को उजागर करें। उन्होंने अपने संबोधन में भानु भैया के जीवन चरित्र एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को भी रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि 25 अगस्त को राष्ट्र रक्षा सूत्र की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 लाख 11 हजार राखियां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को समर्पित की जाएंगी। उन्होंने सामाजिक संगठनों एवं विद्यालयों से राखियां उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय में देशभक्ति कविता पाठ, वाद-विवाद, चित्रांकन (पोर्ट्रेट) एवं नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कविता पाठ प्रतियोगिता में ओजस्विनी सदन (प्राथमिक वर्ग) की समीक्षा मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यशस्विनी सदन की अरात्रिका एवं तेजस्विनी सदन की अदिति चौधरी ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।
चित्रांकन प्रतियोगिता में अंशिका ने प्रथम, अंशी द्विवेदी ने द्वितीय तथा रिया चौधरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। “मीडिया लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ है” विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रा हिमांशी ने प्रथम, श्रेया सक्सेना ने द्वितीय तथा इशू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में तपस्विनी सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी विजेता छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा टॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि रविकांत गर्ग ने अपने संबोधन में भानु प्रताप शुक्ल जी के स्वभाव एवं व्यक्तित्व का चित्रण करते हुए कहा कि राजनीतिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हुए भी उनका जीवन त्याग और तपस्या से परिपूर्ण था। उन्होंने दीदी माँ के वात्सल्य एवं स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि रमेश सिंह ने भानु भैया के सानिध्य को याद करते हुए कहा कि वे ‘पांचजन्य’ पत्रिका के संपादक होने के साथ-साथ प्रखर एवं प्रभावशाली शब्दों के सिपाही थे।
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष महेश खंडेलवाल, संजय भैया एवं देवेंद्र सिंह ने अतिथियों को पटका पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन आदरणीय श्री संजय मैया, विद्यालय की निर्देशिका सुश्री सुमनलता, कमांडेड ग्रुप ऑफ संविद् स्कूल आई.जी. एस.के. शर्मा (पीएमटी, टीएम, रिटायर्ड), प्रेम कुमार सिंह (शहीद चेतना समिति, दिल्ली), प्राचार्या श्रीमती पूजा सिंह सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन कवि डॉ. उमाशंकर राही एवं शिक्षक श्री धनंजय मिश्रा ने किया।

