ताहिर मिर्ज़ा, ब्यूरो चीफ,यवतमाल/उमरखेड़ (महाराष्ट्र), NIT:
यवतमाल जिले में म्यूल बैंक खातों के जरिए होने वाली साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए साइबर पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उमरखेड़ पुलिस ने ब्राह्मणगांव स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की दो संदिग्ध बैंक खातों की जांच करते हुए दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ब्राह्मणगांव स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में अभिजीत आनंदराव राणे (22) और शुभम शिवाजी राणे (25), दोनों निवासी दिघड़ी, तहसील उमरखेड़, के नाम से बैंक खाते संचालित हैं।
पुलिस के अनुसार, इन दोनों खातों में साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से क्रमशः 4 लाख 74 हजार रुपये और 7 लाख 87 हजार 652 रुपये की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। इसके बाद यह राशि यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई।
पुलिस के अनुसार, इन बैंक खातों के खिलाफ पहले से कई शिकायतें दर्ज थीं। इसके आधार पर उमरखेड़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित अन्य संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(C) सहित अन्य प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए हैं।
आरोपी शुभम शिवाजी राणे को गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत (MCR) में है। वहीं आरोपी अभिजीत आनंदराव राणे पुलिस की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) में है।
दोनों मामलों की जांच उमरखेड़ पुलिस द्वारा जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन के लिए किस प्रकार और किन लोगों द्वारा किया गया।

