अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार चुनाव से पहले और चुनाव के बाद भी वह लगातार कहते रहे हैं कि ‘वोट चोरी’ के जरिए सरकारें बनाई जा रही हैं। उनके ऐसे आरोपों और चुनावी प्रक्रिया पर सवालों का उल्लेख 2025 के दौरान उनके विभिन्न साक्षात्कारों में भी सामने आया था।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 6 दिसंबर 2025 को दिए गए एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि उस समय कथित गड़बड़ियों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आ रही है, लेकिन आगे चलकर उनका पर्दाफाश होगा।
उन्होंने कहा, “दो चुनाव आयुक्तों का खुलासा तो सिर्फ आइस ब्रेकिंग है।” तेजस्वी के मुताबिक आने वाले समय में जांच एजेंसियों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के जरिए कथित तौर पर किए गए कामों को लेकर भी कई बातें सामने आएंगी।
तेजस्वी यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग से जुड़े लोगों पर तीखे आरोप लगाते हुए दावा किया कि इन दोनों के कथित गठजोड़ ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कई बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया।
गौरतलब है कि बिहार चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव चुनाव आयोग, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे थे। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सार्वजनिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
हालांकि, तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए इन आरोपों को उनके राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनके संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित दस्तावेजों, जांच और आधिकारिक तथ्यों का स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है।

