सर्पदंश से न्यूरोपैरालिसिस के बाद वेंटिलेटर पर पहुंची महिला की जान बची, जीवन ज्योति हॉस्पिटल से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

सर्पदंश से न्यूरोपैरालिसिस के बाद वेंटिलेटर पर पहुंची महिला की जान बची, जीवन ज्योति हॉस्पिटल से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज | New India Times

मेघनगर विकासखंड के ग्राम ढूंढ़का निवासी 32 वर्षीय महिला को सर्पदंश के बाद बेसुध अवस्था में मेघनगर स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल लाया गया। प्राथमिक जांच में चिकित्सकों ने सर्पदंश के कारण न्यूरोपैरालिसिस की स्थिति की पुष्टि की। इस स्थिति में सांस लेने वाली मांसपेशियों में लकवा आने के कारण मरीज को सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है।

सर्पदंश से न्यूरोपैरालिसिस के बाद वेंटिलेटर पर पहुंची महिला की जान बची, जीवन ज्योति हॉस्पिटल से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज | New India Times

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए हॉस्पिटल की क्रिटिकल केयर टीम ने तत्काल इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत उसे मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया। इसके साथ ही एंटी-स्नेक वेनम (ASV) सहित आवश्यक प्राथमिक उपचार देकर मरीज को ICU में शिफ्ट किया गया।

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मरीज का उपचार क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अर्पित खंडेलवाल (Intensivist), डॉ. विजय (RMO, Emergency Department), सर्जिकल विभाग के डॉ. अनिकेत आर. गनावा (Consultant Surgeon) तथा मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष (RMO, ICU), डॉ. प्रफुल्ल (RMO) और डॉ. जय पाटीदार (MD, Internal Medicine) के संयुक्त मार्गदर्शन में किया गया।

चिकित्सकों और मेडिकल टीम के निरंतर प्रयासों से मरीज की हालत में लगातार सुधार हुआ। उपचार के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर 13 अगस्त 2026 को मेघनगर जीवन ज्योति हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुई।

हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार, “सदा स्वस्थ रहें आप, संकल्प हमारा” की प्रतिबद्धता के साथ जीवन ज्योति हॉस्पिटल पिछले कई वर्षों से क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है और भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ मरीजों की सेवा के लिए समर्पित रहेगा।

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