निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
इटवा ब्लॉक के ग्राम सेमरी-कपिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुरूप बच्चों को भोजन नहीं दिया जा रहा है, जिससे योजना की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस दिन बच्चों को रोटी, सब्जी और दाल दिए जाने का प्रावधान है, उस दिन भी केवल चावल और दाल परोसी जा रही है। कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को जले हुए चावल तक परोसे गए, जिससे भोजन की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए संचालित मध्याह्न भोजन योजना में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते इसकी उचित निगरानी नहीं की गई तो बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने संबंधित शिक्षा विभाग एवं प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर, आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा सख्त निगरानी और कार्रवाई किए जाने से ऐसी शिकायतों पर रोक लगाई जा सकती है।
गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना, कुपोषण को कम करना तथा विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में यदि लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह योजना के उद्देश्य के विपरीत माना जाएगा।
फिलहाल इस मामले में संबंधित विद्यालय प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

