नरेंद्र कुमार इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र के नासिक में वर्ष 2027 में प्रस्तावित सिंहस्थ अर्ध कुंभ की तैयारियों को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। करीब 8 हजार करोड़ रुपये के बजट वाले इस महाआयोजन में कथित कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोपों ने माहौल को गर्मा दिया है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने कुंभ आयोजन से जुड़ी प्रमुख जिम्मेदारियां अपने पास रखते हुए प्रबंधन का दायित्व मंत्री गिरीश महाजन को सौंपा है। महाजन के पास आपदा प्रबंधन विभाग भी है, जो सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आता है, और गृह विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही है। इस व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार में शामिल अन्य सहयोगी दलों के नेताओं, जैसे एकनाथ शिंदे की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि कुंभ की व्यवस्थाओं में उनकी भागीदारी सीमित है। वहीं, नासिक शहर में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सड़कों की खुदाई, अधूरे काम और जर्जर हालात के कारण दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों का आक्रोश दिखाई दे रहा है।
हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर काम चल रहा है और सभी व्यवस्थाओं को समय पर दुरुस्त किया जाएगा।
सिंहस्थ अर्ध कुंभ देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद रहती है। ऐसे में तैयारियों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवाल आगामी समय में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन सकते हैं।

