मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

तहसील जुन्नारदेव अंतर्गत ग्राम पंचायत दातलावादी में राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पदस्थ पटवारी सत्यभान कुशवाह पर भूमि संबंधी कार्य कराने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत दातलावादी निवासी ललिता मरकाम ने जनपद पंचायत सदस्यों एवं ग्रामीणों के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय पहुंचकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में महिला ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन से संबंधित राजस्व कार्य कराने के लिए संबंधित पटवारी ने 50 हजार रुपये की मांग की। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि राशि देने के बाद उनका कार्य तत्काल कर दिया जाएगा, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद न तो उनका कार्य पूरा किया गया और न ही उन्हें न्याय मिला। महिला ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें लगातार परेशान किया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग
एसडीएम को सौंपे गए शिकायत पत्र में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला के लंबित भूमि संबंधी कार्यों का भी नियमानुसार निराकरण कराया जाए।
इस मामले को लेकर जनपद पंचायत के सदस्य भी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा।
राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आदिवासी बहुल विधानसभा क्षेत्र में भूमि संबंधी कार्यों के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोपों ने विभाग की कार्यशैली को संदेह के घेरे में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी जमीन की खरीद-फरोख्त एवं राजस्व मामलों से जुड़े कई विवाद सामने आ चुके हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रवासियों ने शासन से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनता का विश्वास कायम रह सके।

