मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र में जारी विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन संदेशों में दावा किया जा रहा है कि यदि किसी नागरिक ने SIR के तहत सत्यापन या पंजीकरण नहीं कराया तो उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा और उसे राशन, अन्न योजना, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा।
वायरल पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा तथा मतदाता सूची में नाम न होने पर सरकारी सुविधाएं बंद हो सकती हैं। यहां तक कि कुछ संदेशों में यह दावा भी किया गया है कि SIR अभियान के बाद पुरानी मतदाता सूची समाप्त कर दी जाएगी और अगले 20 वर्षों तक नई सूची तैयार नहीं होगी।
हालांकि, प्रशासन और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी आधिकारिक अधिसूचना में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार SIR अभियान का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में यह अभियान 30 जून से शुरू होकर 17 अगस्त तक चलेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही, सभी पात्र मतदाता समय रहते अपना सत्यापन कराएं, ताकि मतदान के अधिकार में कोई बाधा न आए।
