अहमद रज़ा, चुनार/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

बहेरी-बहेड़ा लस्करिया पुल, जो जरगो बांध के लेवल के हिसाब से पानी से प्रभावित रहता है, ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। पुल पर करीब दो फीट तक पानी भर जाने पर लोग जोखिम उठाकर आवागमन करते हैं, जबकि पानी अधिक बढ़ने पर नाव के सहारे आर-पार जाना पड़ता है।

लगभग छह महीने तक स्कूली बच्चे, आम नागरिक और ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। पुल पर पानी का बहाव अधिक होने के कारण थोड़ी सी लापरवाही बाइक सवारों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकती है। यदि समय पर कोई मदद के लिए मौके पर मौजूद न हो, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों की काफी समय से मांग है कि इस पुल को ऊंचा किया जाए, ताकि आसपास के कई गांवों का आवागमन सुगम हो सके और लोगों को विकास का लाभ मिल सके। लेकिन लंबे समय से यह रास्ता ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है और क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर नजर आता है।
लूट के तो बहुत तरीके हो सकते हैं, लेकिन विकास का केवल एक ही तरीका है—काम। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हर मौसम में लोग सुरक्षित रूप से इस रास्ते से आर-पार जा सकें।
जिले के सभी जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों ने निवेदन किया है कि वे इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दें और पुल को ऊंचा कराने की दिशा में आवश्यक पहल करें, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

