रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET परीक्षा पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के विरोध की गूंज अब दिल्ली के जंतर-मंतर से निकलकर आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले तक पहुंच गई है। झाबुआ जिले में भी युवाओं का आंदोलन तेज होता दिखाई दे रहा है।
भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में युवाओं ने पेटलावद से झाबुआ तक पैदल मार्च निकाला। हाथों में तिरंगा और विभिन्न मांगों से जुड़े बैनर लेकर युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
पदयात्रा के बाद प्रदर्शनकारी झाबुआ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा पेपर लीक और कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ” के नारे लगाए। उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रणाली से छात्रों का भरोसा उठ गया, तो मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा का महत्व समाप्त हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

