रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के कोदली गांव में 6 वर्षीय मासूम उत्कर्ष की हत्या के मामले में न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
घटना को दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मामले में चार्जशीट पेश नहीं किए जाने से नाराज पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
न्यायिक मानवाधिकार परिषद के नेतृत्व में पेटलावद में विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
श्रद्धांजलि चौक से पुलिस थाने तक निकली रैली
रैली में उत्कर्ष के माता-पिता, दादा कुशल सिंह नायक तथा घटना में गंभीर रूप से घायल दादी रमिला बाई भी शामिल रहीं। श्रद्धांजलि चौक से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराने बस स्टैंड के रास्ते पेटलावद पुलिस थाने पहुंची। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर आरोपियों को जल्द कड़ी सजा देने की मांग लिखी हुई थी।
चार्जशीट जल्द पेश करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने न्यायिक मानवाधिकार परिषद के जिला अध्यक्ष आशीष बाविस्कर के नेतृत्व में थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की जांच शीघ्र पूरी कर सक्षम न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की जाए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोनों आरोपियों को फांसी की सजा दिलाई जाए।
भोपाल से गिरफ्तार हुए थे दोनों आरोपी
घटना के बाद दादा कुशल सिंह नायक को मौत पर संदेह हुआ, जिसके चलते पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाया। वारदात के 11 दिन बाद घायल दादी रमिला बाई को होश आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया।
यह जघन्य वारदात 5 मई 2026 को कोदली गांव में हुई थी। आरोप है कि जितेंद्र ने अपने चचेरे भाई चिराग के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और दोनों ने अपने ही परिवार पर हमला कर 6 वर्षीय उत्कर्ष की फावड़े से हत्या कर दी तथा लूटपाट की।

