त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी विकासखंड की ग्राम पंचायत झुनकू में संचालित नल-जल योजना, जो पिछले चार वर्षों से सफलता के साथ ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध करा रही है, अब अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही है। विकासखंड की लगभग 70 ग्राम पंचायतों में झुनकू एकमात्र ऐसी पंचायत मानी जाती है, जहां योजना का संचालन नियमित और व्यवस्थित ढंग से हो रहा था। सरपंच, सचिव और ग्रामीणों के सहयोग से वर्षभर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे भीषण गर्मी में भी जल संकट उत्पन्न नहीं हुआ।
ग्राम पंचायत के अनुसार करीब 80 प्रतिशत उपभोक्ता समय पर जलकर का भुगतान करते हैं, जिससे योजना का संचालन सुचारू रूप से चलता रहा। लेकिन अब पानी की टंकी के पास स्थित शासकीय भूमि (खसरा नंबर 321, रकबा 0.4900 हेक्टेयर) पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कर दिए गए हैं। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर लगाए गए पेड़ों की जड़ों से भूमिगत पाइपलाइन को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे पाइपलाइन बार-बार फूट रही है।
सरपंच महेश पटेल ने बताया कि पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और स्थायी समाधान के लिए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना बेहद जरूरी है। इस संबंध में राजस्व विभाग और जनपद पंचायत को कई बार लिखित सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वर्तमान स्थिति में सड़क किनारे स्थित पाइपलाइन और कंट्रोल (चाबी) पॉइंट क्षतिग्रस्त होने से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर व्यर्थ हो रहा है। इसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे टंकी समय पर नहीं भर पा रही और ग्रामीणों को कम दबाव में पानी मिल रहा है।
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर नल-जल योजना को सुरक्षित किया जाए, ताकि यह योजना भविष्य में भी निर्बाध रूप से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराती रहे।

