अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा (DISHA) समिति की बैठक के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब मास्टर प्लान को लेकर चल रही चर्चा के बीच जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोक झोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि बैठक का माहौल गरमा गया और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद तथा आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि चर्चा के दौरान भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया। बड़ी-बड़ी इमारतें बना दीं, लेकिन उनमें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं।
लिफ्ट में लोग फंस चुके हैं, कम्युनिटी हॉल तक नहीं बनाया गया और दशहरा मैदान का भी सत्यानाश कर दिया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी के बड़े व्यावसायिक प्लॉट छोटे किए जाएं, क्योंकि बड़े प्लॉट नहीं बिक रहे हैं। इससे खरीदार बढ़ेंगे और स्मार्ट सिटी की आय भी बढ़ेगी।
आरिफ मसूद ने भी भगवानदास सबनानी की बात का समर्थन करते हुए कहा, “सबनानी जी वरिष्ठ नेता हैं। यदि वे समस्याएं बता रहे हैं, तो निश्चित रूप से उनमें गंभीरता है। अधिकारियों को इनका जल्द समाधान करना चाहिए। इसी दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में टोका और उंगली दिखाते हुए बात की। इस पर विधायक मसूद नाराज हो गए। और दोनों के बीच तू तू मैं मैं होने लगी। इसी दौरान जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत ने कांग्रेस विधायकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें “औकात में रहने” की बात कही। कैमरों के सामने उनका कथित बयान, “बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूँ, निपट लूंगा”, सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
बैठक से बाहर आने के बाद विधायक आरिफ मसूद ने इस पूरे घटनाक्रम को जनप्रतिनिधियों के सम्मान और विधानसभा सदस्यों के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि एक जनपद अध्यक्ष द्वारा निर्वाचित विधायकों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है और इस मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष ने इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

