रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
नगर पालिका परिषद द्वारा चैतन्य मार्ग स्थित धर्मशाला के नीचे संचालित 13 दुकानों के संचालकों को धर्मशाला के जर्जर होने का हवाला देते हुए दुकानें खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद 13 जून की सुबह करीब 4 बजे नगर पालिका प्रशासन ने सभी 13 दुकानों को सील कर दिया। अब 1 जुलाई को दुकानदारों को 24 घंटे के भीतर दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष धूम सिंह डामोर एवं वरिष्ठ पार्षद प्रतिनिधि रशीद कुरैशी ने नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंगार और मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिलन पटेल को पत्र सौंपकर नगर पालिका परिषद का विशेष सम्मेलन बुलाने की मांग की है, ताकि इस विषय पर परिषद के समक्ष चर्चा कर निर्णय लिया जा सके।
नेता प्रतिपक्ष धूम सिंह डामोर का कहना है कि परिषद की स्वीकृति के बिना धर्मशाला और दुकानों को ध्वस्त करने का निर्णय लेना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मानसून के दौरान किसी भी भवन या अतिक्रमण को नहीं तोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि धर्मशाला जर्जर है, तो उसकी तकनीकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। फिलहाल दुकानों के अंदर व्यापारियों का सामान रखा हुआ है और व्यापार बंद होने से दुकानदारों एवं उनके परिवारों पर मानसिक और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले में नगर पालिका परिषद का विशेष सम्मेलन शीघ्र बुलाकर सभी पक्षों की राय के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।

