राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

जिले में गेहूं खरीदी के दौरान गंभीरिया के लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभाकर हाउस में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और किसानों के हितों से खिलवाड़ के मामले को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री के निर्देश पर प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले के प्रभार से हटाकर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उपार्जन कार्य से जुड़े अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में जिले के एक वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलने का मामला सामने आया था। प्रारंभिक जांच में कई बोरियों में गेहूं के स्थान पर अत्यधिक मात्रा में मिट्टी पाए जाने की पुष्टि हुई। मंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपार्जन प्रक्रिया में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या समूह लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।
मंत्री ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनके विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। गेहूं खरीदी में हुई गड़बड़ी अत्यंत गंभीर मामला है। जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

