विवेक जैन, बागपत (यूपी), NIT:
देश के अनमोल रत्नों में शुमार सुप्रसिद्ध समाजसेवी, मशहूर शायर, महान शिक्षक, समाज सुधारक और प्रखर देशभक्ति की भावना रखने वाले जनपद बागपत के बसौद गांव निवासी मास्टर सत्तार अहमद के इंतकाल से पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।
अस्पताल से जैसे ही मास्टर सत्तार अहमद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हजारों शुभचिंतकों की भीड़ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ी। माहौल गमगीन जरूर था, लेकिन गांव के लोगों की आंखों में अपने सपूत द्वारा किए गए नेक कार्यों के लिए गर्व साफ झलक रहा था।
बसौद गांव में हजारों लोगों की उपस्थिति में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया और लोगों ने दुआ पढ़ी।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन ने कहा कि आज देश ने अपना एक महान लाल खो दिया है। मास्टर सत्तार अहमद सही अर्थों में एक सच्चे देशभक्त थे। उन्होंने जीवन भर राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए कार्य किया। वे वीरता और साहस की प्रतिमूर्ति थे और देशभक्ति की अलख जगाने वाले महान पुरुषों में से एक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा में समर्पित कर दिया।
उन्होंने बताया कि मास्टर सत्तार अहमद का जीवन त्याग, मेहनत और सच्चाई की मिसाल रहा। वे शांतिप्रिय थे और सादा जीवन, उच्च विचार में विश्वास रखते थे। उनकी हर सांस में हिंदुस्तान बसा था। मास्टर सत्तार अहमद जैसा महान व्यक्तित्व युगों-युगों में एक बार जन्म लेता है।
विपुल जैन ने कहा कि मैं उस महामानव को नमन करता हूं जिसने जीवन से ऊपर राष्ट्र को रखा। मास्टर सत्तार अहमद भले ही आज हमारे बीच सशरीर न हों, लेकिन वे अपनी यादों, प्रेम और किए गए अच्छे कार्यों के माध्यम से हमेशा हमारे हृदय और प्रार्थनाओं में जीवित रहेंगे।

