नदियों, पहाड़ों और जंगलों के बीच ट्रेकर्स ने लिया पातालकोट का अनूठा अनुभव, संस्कृति और प्रकृति से हुए रूबरू | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

नदियों, पहाड़ों और जंगलों के बीच ट्रेकर्स ने लिया पातालकोट का अनूठा अनुभव, संस्कृति और प्रकृति से हुए रूबरू | New India Times

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स के संयुक्त तत्वावधान में छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट में राष्ट्रीय स्तर का ट्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न महानगरों से आए 15 ट्रेकर्स ने भाग लिया।

पातालकोट की गहराइयों में दूधी नदी के किनारे रेत, पत्थरों, ऊँचे पहाड़ों और घने जंगलों के बीच चार दिनों तक रहकर ट्रेकर्स ने प्रकृति के बीच जीवन का अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त किया। लगभग 25 किलोमीटर लंबे इस ट्रेकिंग कार्यक्रम के माध्यम से पातालकोट क्षेत्र के युवाओं और जनजातीय समुदाय को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी मिले।

ट्रेकर्स का चिमटीपुर स्थित होमस्टे में परार्थ समिति द्वारा पारंपरिक तरीके से भावभीना स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने गेड़ी और सताम जैसे पारंपरिक नृत्यों का भी आनंद लिया।

कलेक्टर ने ट्रेकर्स से की मुलाकात

पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर तलाशने के उद्देश्य से आयोजित इस ट्रेकिंग कार्यक्रम के पहले ही दिन जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार एवं परासिया एसडीएम शुभम यादव ने चिमटीपुर बेस कैंप पहुँचकर ट्रेकर्स से मुलाकात की। अधिकारियों ने ट्रेकर्स से उनके अनुभवों की जानकारी ली और आयोजन की सराहना की।

ट्रेकिंग में ट्रेकर्स ने लिया सुखद अनुभव

देशभर से आए ट्रेकर्स ने बताया कि पातालकोट क्षेत्र के हरे-भरे जंगल, कोहरे से ढकी पहाड़ों की चोटियाँ और शांत वादियाँ आत्मा को सुकून देती हैं। इस पर्वतीय क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान उन्हें स्थानीय रीति-रिवाजों, पारंपरिक जीवनशैली और जनजातीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिला। ट्रेकर्स ने कहा कि यह अनुभव न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि जीवन को बेहतर समझने की प्रेरणा भी देता है।

प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प

प्रकृति संरक्षण को केंद्र में रखते हुए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स द्वारा इस ट्रेकिंग कार्यक्रम को पूरी तरह प्लास्टिक फ्री रखा गया। सभी ट्रेकर्स ने इस पहल की सराहना की।

ट्रेकिंग के दौरान प्लास्टिक कचरा न फैलाने, पेड़ों को नुकसान न पहुँचाने और जैव विविधता के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया। ट्रेकर्स ने भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

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