जब वर्दी बनी बेजुबानों की ढाल: इंस्पेक्टर बाल मुकुंद मिश्रा की साहसिक कार्रवाई | New India Times

हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्जापुर (यूपी), NIT:

जब वर्दी बनी बेजुबानों की ढाल: इंस्पेक्टर बाल मुकुंद मिश्रा की साहसिक कार्रवाई | New India Times

मड़िहान थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाल मुकुंद मिश्रा उन पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, जिनके लिए वर्दी केवल पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प है। गोवंश तस्करी के खिलाफ की गई उनकी साहसिक कार्रवाई कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है।

सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर मिश्रा ने बिना समय गंवाए पूरी योजना को अमल में लाया। उन्होंने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर टीम का नेतृत्व किया और प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखी। अंधेरी रात, जंगल का इलाका और तस्करों की तेज रफ्तार के बीच भी उनका संयम और निर्णय क्षमता डगमगाई नहीं।

सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में गोवंशों को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसी का परिणाम रहा कि जोखिम भरे पीछा अभियान के बावजूद पुलिस ने सूझबूझ से कार्य करते हुए दस गोवंशों की जान बचाई।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इंस्पेक्टर बाल मुकुंद मिश्रा के नेतृत्व में मड़िहान थाना अपराधियों के लिए सख्त और आम जनता के लिए भरोसेमंद बन चुका है। उनकी कार्यशैली यह सिद्ध करती है कि जब पुलिस संवेदनशील और प्रतिबद्ध होती है, तो कानून केवल सख्ती का नहीं, बल्कि संरक्षण का माध्यम बन जाता है।

यह कार्रवाई केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है कि मड़िहान पुलिस के रहते अपराधियों की राह आसान नहीं है और बेजुबानों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

By nit

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