पटवारी संघ ने 18 मुद्दों पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आर्थिक-मानसिक समस्याओं के समाधान की मांग | New India Times

आसिम खान, ब्यूरो चीफ, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

पटवारी संघ, छिंदवाड़ा के जिला अध्यक्ष द्वारा कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जिले की विभिन्न तहसीलों के पटवारियों को हो रही आर्थिक-मानसिक समस्याओं और विभागीय अनियमितताओं को गंभीरता से उठाया गया। संघ ने कुल 18 प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की।

फार्मर रजिस्ट्री और पोर्टल संबंधी समस्याएँ

पटवारियों ने कहा कि पुरानी फार्मर रजिस्ट्री में खसरा जोड़ने के लिए OTP की बाध्यता कार्य में बड़ी रुकावट साबित हो रही है। उन्होंने मांग की कि OTP की अनिवार्यता केवल नई रजिस्ट्री के लिए लागू रहे। साथ ही सभी एप्लीकेशन और पोर्टल को अधिक सरल और उपयोगी बनाने की आवश्यकता बताई।

सर्विस बुक, वेतनमान और लंबित भुगतान

ज्ञापन में कई वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें दर्ज की गईं—

सर्विस बुक और सी.आर. अपडेट नहीं की जा रही।

कई पटवारियों को 10 वर्ष पूरे होने के बाद भी समयमान वेतनमान स्वीकृत नहीं हुआ।

नए पटवारियों को अभी भी 70% वेतन दिया जा रहा है, जबकि वे 80% के पात्र हैं।

मेडिकल अवकाश पर रहे कर्मचारियों का वेतन अब तक जारी नहीं हुआ।

कई तहसीलों में वेतन समय पर नहीं मिलता और अलग-अलग तरीके से गणना की जाती है।

मोहखेड़ तहसील में वर्ष 2018 की हड़ताल के 18 दिनों का भुगतान आज भी लंबित है।

निलंबित कर्मचारियों की बहाली की मांग

संघ ने आरोप लगाया कि कुछ पटवारियों को बिना गलती के निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने तत्काल बहाली और रोकी गई वेतन वृद्धि पुनः जारी करने की मांग उठाई।

एग्रीस्टैंक भत्ता और अन्य वित्तीय लाभ

ज्ञापन में बताया गया कि जिले के कई पटवारियों कोएग्रीस्टैंक भत्ता नहीं दिया जा रहा, जबकि अन्य जिलों—भोपाल, जबलपुर और भिंड—में हल्के में पदस्थ, अवकाश पर या अटैच कर्मचारियों को भी यह भत्ता दिया जा रहा है। इसके साथ 03/04/2025 के शासन आदेश के तहत राजस्व निरीक्षक के अतिरिक्त कार्य भत्ते का भुगतान भी जिले में लंबित है।

नेटवर्क, नक्शे और फील्ड कार्य संबंधी समस्याएँ

संघ ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में Vi CUG सिम का नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, इसलिए अन्य नेटवर्क के सिम उपलब्ध कराए जाएँ। साथ ही पुराने नक्शों की नई चालू शीटें उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

कार्यप्रणाली और बैठक व्यवस्था से असंतोष

पटवारियों ने कहा कि शनिवार-रविवार या शाम के समय बार-बार बैठक बुलाने से कार्य और निजी जीवन दोनों प्रभावित होते हैं। साथ ही राजस्व विभाग में भी अन्य विभागों की तरह खेल महोत्सव आयोजित करने की मांग की गई, जिससे कर्मचारियों में टीम भावना बढ़े। ई-दैनिक डायरी को अनिवार्य किए जाने पर भी संघ ने विरोध जताया और इसे समाप्त करने की मांग की।

कलेक्टर के हस्तक्षेप की मांग

पटवारी संघ ने कहा कि इन सभी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को मानसिक तनाव और आर्थिक हानि हो रही है। इसलिए कलेक्टर से सभी तहसीलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की अपील की गई

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