रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ श्रीमती विधि सक्सेना के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ के तत्वाधान में मदर टैरेसा आश्रम, झाबुआ में 03 दिसम्बर 2025 को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर नालसा (मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं) योजना-2024 अंतर्गत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश शिव कुमार डावर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानसिक रूप से विकलांग एवं मानसिक बीमार व्यक्तियों को समाज में विशेष सुरक्षा, संवेदना और सम्मान की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 ऐसे व्यक्तियों को समान अवसर, गरिमा, उचित इलाज, सुरक्षित वातावरण तथा भेदभाव से संरक्षण प्रदान करते हैं। न्यायाधीश ने यह भी बताया कि मानसिक बीमारी कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य अवस्था है, जिसका सही उपचार और सहयोग मिलने पर व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिव्यांग एवं मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी जयदेव माणिक ने उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं, उपचार संबंधी प्रावधानों तथा हिंसा या प्रताड़ना से सुरक्षा के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में मदर टैरेसा आश्रम की सिस्टर्स एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

