मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

प्रसिद्ध शायर डॉक्टर अल्लामा इक़बाल रह. के जन्मदिन को, जिसे विश्व उर्दू दिवस के रूप में मनाने की परंपरा है, मुंबई शहर में कई स्थलों पर मनाया गया। इसी क्रम में उपनगर कुर्ला क्षेत्र में डॉक्टर अल्लामा इक़बाल रह. के प्रशंसक जनाब अय्यूब क़ुरैशी ने अपने निवास पर एक ख़ूबसूरत शायरी गोष्ठी (शेरी नशिस्त) का आयोजन किया। इस गोष्ठी में शहर के नामचीन शायरों ने अपनी असरदार और बुलंद शायरी से श्रोताओं को बेहद मुग्ध किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मेज़बान जनाब अय्यूब क़ुरैशी के स्वागत भाषण से हुई। शायरी गोष्ठी से पहले उर्दू कारवां के प्रमुख जनाब फ़रीद अहमद ख़ान, प्रिंसिपल असलम शेख, जनाब अब्दुल क़य्यूम और जनाब मुस्तक़ीम मक्की ने डॉक्टर अल्लामा इक़बाल रह. की पवित्र जीवन यात्रा, उनकी राष्ट्रप्रेमी सोच और मानवता के संदेश पर प्रेरक भाषण दिए।
गोष्ठी में शामिल प्रमुख शायरों में वरिष्ठ प्रोफेसर जनाब जमील कामिल, जनाब रियाज़ मुनसिफ़, जनाब आरिफ़ आज़मी, जनाब मुशीर अंसारी, जनाब नैयर हसन, जनाब जाफ़र बलरामपुरी, जनाब इम्तियाज़ गोरखपुरी और जनाब इक़बाल नादिर शामिल थे। सभी ने अपने बेहतरीन अशआर पेश कर खूब तालियाँ और दाद हासिल कीं। कार्यक्रम का संचालन जनाब हसन बलरामपुरी ने बख़ूबी अंजाम दिया, जिससे महफ़िल का रंग और भी निखर गया।
श्रोताओं और मेहमानों में जनाब शाहनवाज़ थाना वाला, जनाब मिराज सिद्दीकी, प्रिंसिपल असलम शेख साहब, जनाब मुस्तक़ीम मक्की, जनाब फ़रीद अहमद ख़ान, जनाब कमाल मांडलेकर, जनाब शफ़ी ख़ान, जनाब मुख़्तार शेख, जनाब अब्दुल मतीन ख़ान, जनाब अब्दुल क़य्यूम, जनाब शकील नायर सहित अन्य सम्मानित हस्तियाँ मौजूद थीं।
मेज़बान की ओर से उपस्थित अतिथियों के लिए स्वादिष्ट सह-भोज की व्यवस्था की गई, जिसके साथ इस साहित्यिक महफ़िल का सुंदर समापन हुआ।

