LCB IN ACTION : हमेशा के लिए बंद क्यों नहीं किए जा सकते सारे अवैध धंधे ? | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

LCB IN ACTION : हमेशा के लिए बंद क्यों नहीं किए जा सकते सारे अवैध धंधे ? | New India Times

जलगांव जिला अपराध शाखा प्रमुख पुलिस निरीक्षक संदीप पाटिल पर लगे यौन शोषण के आरोप के बाद उनकी जगह पर राहुल गायकवाड़ की नियुक्ति की गई है। 2023 में घटीत पुरानी खबरों से गायकवाड़ का ट्रैक रिकॉर्ड पता चलता है। LCB को जिला पुलिस प्रशासन की रीढ़ की हड्डी माना जाता है इस रीढ़ को ऑपरेट करने के लिए किस अधिकारी को सेट करना है इसे लेकर सत्ता पक्ष में मैराथन चर्चा पश्चात निर्णय की परंपरा चलती आ रही है। LCB प्रमुख बनने की अंदरूनी स्पर्धा ने किरण कुमार बकाले जैसे होनहार अधिकारी को कथित साजिश के तहत हटा दिया गया। उस समय LCB चीफ़ के लिए जो अधिकारी रेस में थे वो जिले के बाहर कर दिए गए। कई नए अफसर आए और चल दिए या फ़िर निकाले गए इस सब के बीच अवैध धंधों ने सिस्टम के साथ संतुलन बनाने के अपने हुनर को निखारा। महाराष्ट्र में अवैध धंधों को हमेशा के लिए कोई बंद नही कर सका है।

सरकार में बैठे मंत्रियो के अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र मे समाज का गरीब तबका सट्टा , मटका , जुआ , शराब , ताश के क्लब साहूकारी जैसे अवैध धंधों का हिस्सा बनकर नेता के उपकारभाव से दो वक्त की रोटी का पाबंद है। धन की लालसा पक्ष-विपक्ष , तीसरे पक्ष , निष्पक्ष इन सब को आपस मे पिरोए रखती है। मजे की बात तो यह है कि नेता तय करता है कि किसे कहा किस व्यवसाय को करने की परमिशन देनी है। A 1 के पोर्ट से लेकर गांव कस्बों तक फलते फूलते सिंडिकेट ने नई पीढ़ी की रगो मे नशा और कानून व्यवस्था को निराशा से भर दिया है। सत्ता में बैठे नेता और पुलिस के रिश्ते पर सुप्रीम कोर्ट हाइ कोर्ट ने अपने फैसलों में सैकड़ों सख़्त टिप्पणियां दर्ज की है मकबूल लेखको ने कई शानदार किताबे भी लिखी है। संदीप पाटिल को निलंबित किया जा चुका है आने वाले समय में LCB को साफ़ सुथरे मेरिट के आधार पर किसी अनुभवी अधिकारी की प्रतिक्षा है।

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